मंदसौर

प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा थाने पर फेंकी मशालें फिर आई गोली की आवाज

न्यायिक जांच आयोग के सामने प्रत्यक्षदर्शियों ने दिए बयान

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Jan 08, 2018
न्यायिक जांच आयोग

मंदसौर । मैं 6 जून को बाइक से मंदसौर आ रहा था कि बही चौपाटी पर करीब डेढ़ हजार से 1500 लोग थे। उस समय करीब १२ बज रही थी।लोगों ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। जिनकी हाथों में मशाल, खंजर, लाठी और पत्थर थे। वे लोग पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंक रहे थे। पुलिस कर्मी माइक से एलाउंस कर रहे थे। इसके बाद भीड़ नहीं मानी तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान भीड़ में से गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद बाइक से मंदसौर की और आ गया। यह बयान कार्तिकेय लक्षकार ने आयोग के समक्ष सोमवार को दिए। भेरूसिंह ने बयान दिया कि मैंने गांव में मेरे दोस्त ने बताया कि पिपलियामंडी में धमाल चल रही है। इस पर मैं बाइक लेकर पिपलियामंडी चौपाटी पहुंचा। इसके बाद करीब २००मीटर की दूरी पर थाना है। वहां पर दो से ढाईहजार लोग थे। उन्होंने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। वे थाने पर आग लगाने के लिए जा रहे थे तभी फायरिंग हुई और मैं वहां से घर आ गया। इसके बाद गोपाल सेनी ने कहा कि मेरे मकान का काम चल रहा था। ६ जून को मैं ट्रेक्टर-ट्राली को लेकर मैं पिपलियामंडी चौपाटी पर पहुंचा। मैं ट्रेक्टर-ट्राली की पूछते-पूछते थाने तक पहुंचा। यहां पर करीब १८०० से २ हजार लोग थाने के सामने थे।भीड़ में खड़े लोगों ने हाथों में मशालें लिए हुए थी। कपड़ा मुंह पर बांध रखा था। लोग थाने में जाने की कोशिश कर रहे थे। और पुलिसकर्मी उन्हें रोक रहे थे। लोगों ने थाने पर मशालें फेंकी। जो थाने के पीछे जा गिरी। भीड़ में से गोली की आवाज आई और मैं वहां से निकल गया।
बस रोकी 500 मीटर दूर
बाबूलाल नायक निवासी पिपलियामंडी ने बयान दिया कि छह जून को मंदसौर से बस में बैठकर पिपलियामंडी जा रहा था कि पिपलियामंडी टोल नाके से 500 मीटर दूर करीब १२ बजे बस रोक दी गई।टोल नाके पर करीब 1500 से 2000 लोगों की भीड़ थी। वे टोल नाके पर लूटपाट कर रहे थे और ट्रकों में आग जनी कर रहे थे। टोल नाके के पास पुलिस वैन थी। मैं बस से नीचे नहीं उतारा। करीब डेढ़ घंटे बाद बस पिपलियामंडी पहुंची।
इन लोगों ने भी दिए बयान
किसान आंदोलन में पांच किसानों की गोली चालन में हुई मौत की जांच न्यायिक जांच आयोग कर रहा है। इसमें करीब १७९ लोगों ने शपथ दिए थे। जिसमें से १३१ लोगों के बयान दर्जहुए है। सोमवार को २० लोगों के बयान दर्जहोना थे। जिसमें १० प्रत्यक्षदर्शियों ने बयान दिए। जो १० लोग नहीं आए उसमें से एक प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र पाटीदार ने आयोग को तबीयत खराब होने की जानकारी दी। आयोग महेंद्र पाटीदार को अगली तारीख देगा। बयान देने वालों में दीपक ङ्क्षसह, गोपाल सैनी, भेरुसिंह, नरेश जजवानी, कार्तिकेय लक्षकार, बाबूलाल नायक, महेश सेनी सहित तीन अन्य लोगों ने बयान दिए।

Published on:
08 Jan 2018 10:31 pm
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