अभी इस सौदे को पूरी होने के लिए कंपीटीशन कमीशन ऑफ इंडिया की मंजूरी मिलना जरूरी है।
नई दिल्ली। आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी आदित्य बिड़ला रिटेल की सुपरमार्केट चेन 'मोर' बिक गई है। अमेजन और समारा कैपिटल ने मिलकर मोर का खरीद लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सौदा करीब 4200 करोड़ रुपए में हुआ है। सौदे के तहत फिलहाल सुपरमार्केट मोर में अमेजन की 35 फीसदी और समारा की 65 फीसदी हिस्सेदारी रहेगा। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बाद में अमेजन अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर 49 फीसदी तक ले जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आदित्य बिड़ला रिटेल और अमेजन-समारा के बीच यह सौदा बुधवार को हुआ है। हालांकि, यह सौदे कंपीटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) की मंजूरी के बाद ही पूरा होगा।
कुमार मंगला बिड़ला परिवार के पास बड़ी हिस्सेदारी
सुपरमार्केट मोर आदित्य बिड़ला समूह की रिटेल कंपनी है। बीते वित्त वर्ष के समापन पर मोर के पास पूरे देश में 509सुपरमार्केट और 20 हाइपरमार्केट थे। इस तरह कंपनी के पास कुल 20 लाख वर्ग फुट का रिटेल स्पेस था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस कंपनी में 60 फीसदी हिस्सेदारी कनिष्ठा फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट और 32 फीसदी हिस्सेदारी आरकेएन रिटेल की है। बताया जाता है कि यह दोनों कंपनियां कुमार मंगला बिड़ला और उनके परिवार को लोगों के नाम पर हैं।
लगातार घाटे की वजह से बढ़ा कर्ज
जानकारी के अनुसार 'मोर' सुपरमार्केट की ऑपरेटिंग कंपनी आदित्य बिड़ला रिटेल 2017 में भारी कर्जे में थी। 2017 में एबीआरएल को 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ 4194 करोड़ रुपए की आमदनी हुई थी। इस वित्त वर्ष में कंपनी को 644 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। कंपनी पर 6573 करोड़ रुपए का कर्ज था जिसके लिए कंपनी को 471 करोड़ रुपए का ब्याज देना पड़ा था। बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि 10 साल पहले त्रिनेत्र-फैबमॉल और दो साल पहले जुबिलेंट की टोटल सुपर स्टोर के अधिग्रहण की वजह से एबीआरएल का कर्ज बढ़ा है। हालांकि, कर्ज को कम करने के लिए कुछ महीने पहले कुमार मंगलम बिड़ला और उनके परिवार ने 2800 करोड़ रुपए के फूड और ग्रॉसरी बिजनेस से जुड़े बॉन्ड को शेयर में बदल दिया था। इससे कंपनी का कर्ज घट गया था।