
नर्इ दिल्ली। वेदांता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जब से तुतीकोरिन का स्टरलाइट काॅपर प्लांट बंद हुआ है तब से कंपनी का नुकसान लगातार बढ़ रहा है। ताज्जुब की बात तो ये है कि अब इसका असर कंपनी को दूयरे राज्यों में भी भुगतना पड़ रहा है। आखिर कंपनी को अब किस राज्य में नुकसान उठाना पड़ रहा है? वहीं मार्केट में वेदांता की किस तरह की पोजिशन है। आइए आपको भी बताते हैं।
फिर खड़ी हुर्इ मुश्किलें
वेदांता लिमिटेड का स्टॉक सोमवार को 52 हफ्ते के निचले स्तर पर फिसल गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्टरलाइट कॉपर प्लांट की तरह ओडिशा में वेदांता की मुश्किलें शुरू हो गई हैं। वहां भी कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गर्इ हैं। बीएसई ने इस संबंध में कंपनी से जानकारी मांगी है।
52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर
ओडिशा में भी स्टरलाइट जैसे विरोध-प्रदर्शन शुरू होने की खबर से सोमवार को स्टॉक गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया। ओडिशा प्लांट में विरोध-प्रदर्शन की खबरों से बीएसई पर स्टॉक 0.77 फीसदी की गिरावट के साथ 236.90 रुपए के भाव पर खुला। वहीं कारोबार के दौरान 4.16 फीसदी गिरकर 228.80 रुपए पर आ गया, जो 52 हफ्ते का निचला स्तर है।
हमेशा के लिए बंद हुआ तूतीकोरिन प्लांट
तमिलनाडु सरकार ने तूतीकोरिन स्थित स्टरलाइट कॉपर प्लांट को हमेशा के लिए बंद कर दिया है। फैक्ट्री के विरोध में चल रहा लोगों का प्रदर्शन 22 मई को हिंसक हो गया था। इसे रोकने के लिए की गई पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की जान चली गई थी।
करीब 99 दिनों तक चला था विरोध प्रदर्शन
स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने के लिए लोगों ने 99 दिनों तक प्रदर्शन किया था। उनका आरोप है कि फैक्ट्री इलाके में प्रदूषण फैला रही है। यहां धातु गलाने के साथ कॉपर का काम होता है, जिससे जहरीले रसायन का प्रदूषण हर ओर फैल रहा है और ये जानलेवा है।