पेट्रोल पंपों पर लोगों को तेल की क्वालिटी को लेकर सबसे बड़ी समस्या होती है। इससे अापके गाड़ी में इंजन में दिक्कतें तो आती ही है, साथ ही आपके गाड़ी के माइलेज पर भी असर पड़ता है।
नर्इ दिल्ली। पिछले साल नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने फैसला किया था कि हर 15 दिन की बजाया तेल कंपनिया हर रोज पेट्रोल-डीजल का दाम तय करेंगी। सरकार का ये फैसला आम जनता को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के अाधार पर फौरी राहत देने के लिए उठाया था। लेकिन अब रोज-रोज पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम से लाेग परेशान हो चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल पंप ग्राहकों को ठगने के लिए अलग-अलग जुगाड़ अपना रहे हैं। कर्इ लोगों के वाहन मिलावटी तेल की वजह से खराब हो जाते हैं तो वहीं कुछ लोगों को तेल चोरी का सामना करना पड़ता है। इस तरह पेट्रोल पंप पर आम जनता को मुर्ख बनाया जा रहा है। एेसे में सबसे जरूरी है कि पेट्रोल पंप पर तेल लेते सावधानी बरतें तो आप इस तरह के ठगी से आसाानी से बच सकते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि तेल लेते समय अापको आखिर किन-किन बातों को ख्याल रखना चाहिए।
मिलावटी तेल से बचने के लिए करें फिल्टर टेस्ट
पेट्रोल पंपों पर लोगों को तेल की क्वालिटी को लेकर सबसे बड़ी समस्या होती है। इससे अापके गाड़ी में इंजन में दिक्कतें तो आती ही है, साथ ही आपके गाड़ी के माइलेज पर भी असर पड़ता है। यदि आपको थोड़ा भी इस बात का शक होता है कि तेल की क्वालिटी में कुछ गड़बड़ है तो आप पेट्रोल का फिल्टर पेपर टेस्ट करा सकते हैं। कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के तहत सभी पेट्रोल पंप पर फिल्टर पेपर टेस्ट की सुविधा होना अनिवार्य है। इसपर तेल के कुछ बूंद डालकर देखा जाता है कि क्या इससे पेपर पर कुछ दाग पड़ रहा है कि नहीं। फिल्टर पेपर पर दाग पड़ने का संकेत है कि तेल में मिलावट किया गया है।
इस ट्रिक से दिया जाता है आपको धोखा
पेट्रोल पंपों पर शार्ट फ्यूलिंग भी एक बड़ी समस्या है। कर्इ बार तेल भरवाते समय वर्कर इस बात को ध्यान में नहीं रखते हैं जिसका असर ग्राहकों को भगुतना पड़ता है। मान लिजिए आपने 1500 रुपये का पेट्रोल भरवा रहे हो। लेकिन वर्कर ने 500 रुपये के पेट्रोल डालने के बाद रुक जाता है। जब आप दोबार 1000 रुपये का पेट्रोल भरवाते हैं तो वो वहीं से स्टार्ट करता है जहां से पिछली बार छोड़ा है। एेसे में आपको 500 रुपये का नुकसान हो जाता है। आपको असी बात से बचना है। अापको इस बात का हमेशा ध्यान में रखना होता है कि पेट्रोल भरवाते समय आप जीरो से ही स्टार्ट करें।
पंप के नोजल से किया जाता है छेड़छाड़
कर्इ बार तो तेल के नाॅजल में छेड़छाड़ करके 100ml से 150ml तक की हेरफेर की जाती है। यदि आपको भी इस बता का शक है तो इसका पता लगाने के लिए आपको पांच लीटर टेस्ट जरूर कराना चाहिए। दरअसल हर पेट्रोल पंप पर पांच लीटर का एक प्रमाणित बर्तन होता है। जब आपको शक हो तो आप जरूर इस बर्तन का इस्तेमाल कर तसल्ली कर सकत हैं। इसके साथ ही अापको तेल का सेलिंग प्राइस जरूर चेक करना चाहिए।