10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Gold Vs Stocks: शेयर बाजार पर भारी पड़ा सोना, 10 साल में हर 4 में से एक शेयर ही रिटर्न देने में गोल्ड से आगे

Market Analysis: 95% शेयरों का रिटर्न पिछले एक साल में गोल्ड से कम रहा है। वहीं पिछले एक साल में एमसीएक्स पर सोना 70% से ज्यादा चढ़ा है। इससे यह पीली धातु अब सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले एसेट्स में शामिल हो गई है।

2 min read
Google source verification

Gold Investment: माना जाता है कि शेयर बाजार धैर्यवान निवेशकों को इनाम देता है, लेकिन पिछले एक दशक के आंकड़े एक अलग ही कहानी बताते हैं। जिसे सोने को लंबे समय तक 'मृत संपत्ति' यानी डेड एसेट कहा गया, वही गोल्ड निवेशकों के लिए सबसे मजबूत संपत्ति बनकर उभरा है। पिछले एक साल में एमसीएक्स पर सोना 70% चढ़ा है। एनएसई में सूचीबद्ध शेयरों के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले एक साल में 5% शेयर ही सोने से बेहतर रिटर्न दे पाए, 95% शेयर पीछे रह गए। लंबी अवधि में तस्वीर बहुत अलग नहीं है। 10 वर्षों में केवल 26% शेयर ही सोने के रिटर्न को पार कर पाए। भारतीय महिलाओं ने बिना किसी मार्गदर्शन के चुपचाप सुस्त-सी दिखने वाली धातु को खरीदती रहीं, जिसने रिटर्न देने में सभी को पीछे छोड़ दिया।

गोल्ड ईटीएफ 'पेपर गोल्ड' में करेंगे निवेश

सेबी ने गोल्ड ईटीएफ को सुविधा दी है कि फंड हाउस अब अपने पोर्टफोलियो का एक हिस्सा गोल्ड डेरिवेटिव्स यानी गोल्ड फ्यूचर्स जैसे वित्तीय कॉन्ट्रैक्ट्स में निवेश कर सकते हैं। पहले गोल्ड ईटीएफ का पूरा पैसा फिजिकल सोने में लगता था। इसके साथ ही गोल्ड ईटीएफ का दमदार रिटर्न दे रहा है। एलआइसी गोल्ड ईटीएफ ने 68.43 फीसदी का रिटर्न दिया है वहीं एसबीआइ गोल्ड फंड ने 58.43 फीसदी का रिटर्न दिया है

अवधिगोल्ड का रिटर्नशेयरों की संख्या (प्रतिशत)
1 साल70%04
3 साल165%13
5 साल248%21
7 साल370%18
10 साल424%26
स्टॉक्स का गोल्ड से ज्यादा रिटर्न

क्या सेफ-हैवन टैग हट रहा?

भू-राजनीतिक संकट के दौरान आमतौर पर निवेशक सुरक्षित निवेश की चाह में सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं पर जमकर दांव लगाते हैं और इनकी कीमतों में जबरदस्त तेजी आती है। लेकिन पश्चिम एशिया में अमराका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के बावजूद सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। इन धातुओं में उम्मीद के विपरीत तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से सोना 3.20% गिरा है। वहीं चांदी में इस दौरान 15% की गिरावट आई है। इसने निवेशकों को हैरान कर दिया जो सुरक्षित निवेश के रूप में सोना-चांदी में स्थिर तेजी की उम्मीद कर रहे थे। अब डॉलर फिर से तेजी से सबसे सुरक्षित निवेश बनकर उभरा है और अन्य करेंसीड के मुकाबले एक महीने में औसतन 2 फीसदी मजबूत हुआ है।

महंगे बाजार में सोना अक्सर आगे

आंकड़े बताते हैं कि जब शेयर बाजार महंगा हो जाता है, तब सोना अक्सर बेहतर प्रदर्शन करता है। निफ्टी 50 के वैल्यूएशन के आंकड़ों के अनुसार, जब बाजार का प्राइस टू-अर्निंग (पीई) अनुपात 20-25 गुणा के बीच होता है, तब सोना निफ्टी से औसतन 11.27% बेहतर रिटर्न देता है। जब पीई अनुपात 15-20 के बीच होता है, तब भी सोना औसतन 6.44% आगे रहता है। यहां तक कि 10-15 पीई के कम वैल्यूएशन पर भी सोने का 4.63% बेहतर प्रदर्शन।