
नई दिल्ली। भारत 22 ईटीएफ की लिस्टिंग मंगलवार को शेयर बाजार के बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर हो गई है। शुरुआती कारोबार में यह तीन फीसदी की तेजी के साथ 37.33 रुपए पर लिस्ट हुआ। सरकार ने इस ईटीएफ के जरिए करीब 14,500 करोड़ रुपए जुटाए हैं। इस ईटीएफ में सरकारी कंपनियां एसयूयूटीआई, पीएसयू बैंक जैसी 6 कोर सेक्टर की 22 कंपनियों के शेयर शामिल हैं। जिसका इश्यू प्राइस 35.97 रुपये प्रति यूनिट है। गौरतलब है कि भारत 22 ईटीएफ कुल 4 गुना सब्सक्राइब्ड हुआ था, जबकि एंकर इन्वेस्टर का हिस्सा 6 गुना सब्सक्राइब्ड किया गया। भारत 22 ईटीएफ ने चालू वित्त वर्ष में अबतक विनिवेश के जरिए 52500 करोड़ रुपये जुटा लिये हैं। यह एंकर इन्वेस्टर्स के लिए 14 नवंबर से एनएफओ के लिए और रिटेल निवेशकों के लिए 15 नवंबर से 17 नवंबर तक खुला था। इस दौरान इसे 4 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ था। इस ईटीएफ के जरिये सरकार का इरादा 8,000 करोड़ रुपये जुटाने का था। यह ईटीएफ 22 ब्लूचिप कंपनियों का एक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो था।
कोल इंडिया के शेयर ट्रांसफर किए गए
भारत 22 ईटीएफ में सरकार ने कोल इंडिया के करीब 507 करोड़ रुपए के शेयर ट्रांसफर किए हैं। बीएसई की फाइलिंग में कोल इंडिया लिमिटेड ने बताया कि "कोल मंत्रालय ने देश के राष्ट्रपति की ओर से 1,92,99,613 इक्विटी शेयर्स भारत 22 ईटीएफ को 507 करोड़ रुपये में ट्रांस्फर कर दिये गये हैं।"
ये कंपनियां शामिल
भारत-22 ईटीएफ में सीपीएसई, पीएसयू बैंक और एसयूयूटीआई की कंपनियां शामिल हैं। सपीईसी में कंटेनर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, आईओसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, पीएफसी, कोल इंडिया, ओएनजीसी, गेल, एनर्जी इंडिया लिमिटेड, रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड और ऑयल इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। वहीं भारत-22 ईटीएफ में 6 सेक्टर भी शामिल हैं। ये आधारभूत सामग्री, ऊर्जा, वित्त, एफएमसीजी, औद्योगिक और उपभोक्ता सेवा से जुड़ी कंपनियां हैं। भारत-22 ईटीएफ में सेक्टोरल शेयर लिमिट 20 फीसदी तय की गई है, जबकि ईटीएफ में कंपनी विनिवेश पर लिमिट 15 फीसदी तय की गई है। इसमें तीन बैंक एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक शामिल हैं।