
Share Market आज गिरावट के साथ बंद हुआ है। (PC: AI)
Why Share Market Fall Today: भारतीय शेयर बाजार आज बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुआ है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 0.24 फीसदी या 187 अंक की गिरावट के साथ 77,966 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह न्यूनतम 77,497 अंक तक गिर गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 0.15 फीसदी या 35 अंक टूटकर 24,435 पर बंद हुआ है। आज सबसे अधिक गिरावट निफ्टी आईटी में 1.54 फीसदी दर्ज हुई। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे अधिक तेजी 2.05 फीसदी दर्ज हुई।
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है। इस रास्ते से दुनिया के तेल कारोबार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके दोबारा खुलने और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। ईरान का कहना है कि अमेरिका द्वारा शर्तें नहीं मानी गईं तो होर्मुज बंद रहेगा। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस अहम जलमार्ग पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है।
इस क्षेत्र में रुक-रुककर हमलों की खबरें भी आ रही हैं। यमन के तटरक्षक बल के मुताबिक, Bab el-Mandab Strait में एक मालवाहक जहाज पर हूती हमले में छह लोगों की मौत हुई। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ओमान की खाड़ी में एक कंटेनर जहाज पर दो मिसाइल दागने की जानकारी दी है। इन घटनाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में जब अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाना पसंद करते हैं। यही कारण है कि बाजार में आज गिरावट आई।
तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड करीब 1% चढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता और दो जहाजों पर हमले के बाद तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। यही वजह है कि कच्चे तेल के दाम फिर ऊपर जाने लगे हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड का 89 डॉलर से ऊपर जाना बाजार में तेजी की राह में बड़ी रुकावट है। भारत के लिए महंगा तेल कई मोर्चों पर परेशानी बढ़ा सकता है। इससे महंगाई बढ़ सकती है, रुपये पर दबाव आ सकता है और चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है। इसके अलावा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद भी कमजोर पड़ सकती है और कंपनियों की लागत बढ़ने से मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
भारत और अमेरिका के जुलाई के खुदरा महंगाई के आंकड़े आज आने वाले हैं। इन आंकड़ों पर निवेशकों की नजर है, क्योंकि इससे आगे की मौद्रिक नीति को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व और RBI ने हाल की बैठकों में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। लेकिन अगर तेल महंगा रहने से महंगाई बढ़ती है, तो आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर रुख सख्त हो सकता है।
लगातार बनी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने कई सेक्टर्स में मुनाफा निकालना शुरू कर दिया है। IT, FMCG, Consumer Durables, Healthcare और Realty सेक्टर में गिरावट आई है। बाजार में जब अचानक जोखिम बढ़ता है तो निवेशक अक्सर पहले से मिले मुनाफे को सुरक्षित करने लगते हैं। नई खरीदारी करने के बजाय वे कुछ समय इंतजार करते हैं कि हालात किस दिशा में जाते हैं। यही दबाव बुधवार के कारोबार में भी दिखाई दिया।
बाजार के तकनीकी संकेत भी फिलहाल राहत नहीं दे रहे हैं। निफ्टी ने 24,400 का अहम सपोर्ट स्तर तोड़ दिया है और अब 24,250 से 24,200 के स्तर की ओर बढ़ रहा है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च प्रमुख राजेश पालविया के मुताबिक, 24,650 के नीचे निफ्टी का रुख कमजोर बना हुआ है। 24,400 के बाद 24,250 से 24,200 अगला अहम सपोर्ट जोन है। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च प्रमुख श्रीकांत चौहान का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,550 के ऊपर नहीं जाता, बाजार में कमजोरी बनी रह सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
12 Aug 2026 03:46 pm
Published on:
12 Aug 2026 03:44 pm
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