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IPO Market: 30 सितंबर तक 34 कंपनियां लॉन्च कर सकती हैं आईपीओ, 45,000 करोड़ रुपये जुटाने की होगी तैयारी

Upcoming IPO: 30 सितंबर की IPO डेडलाइन 34 कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। ये कंपनियां मिलकर करीब 45,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं। छुट्टियां हटाने के बाद इनके पास सिर्फ 35 ट्रेडिंग दिन बचे हैं।
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भारत

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Pawan Jayaswal

Aug 11, 2026

IPO Market

30 सितंबर तक कई कंपनियां आईपीओ लॉन्च कर सकती हैं। (फोटो: Freepik)

IPO Deadline: भारतीय शेयर बाजार में आने वाले हफ्तों में IPO की रफ्तार तेज हो सकती है। कम से कम 34 कंपनियां 30 सितंबर तक अपना IPO लॉन्च कर सकती हैं। इन कंपनियों की कुल मिलाकर करीब 45,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। 10 अगस्त से 30 सितंबर के बीच भले ही 52 दिन हों, लेकिन वीकेंड और 14 सितंबर की गणेश चतुर्थी की छुट्टी को हटाने के बाद कंपनियों के पास सिर्फ 35 ट्रेडिंग दिन बचते हैं। यानी औसतन हर कारोबारी दिन एक IPO बाजार में आ सकता है।

क्यों अहम है 30 सितंबर की तारीख?

किसी कंपनी को सेबी से आईपीओ की मंजूरी मिलने के बाद आमतौर पर एक साल के भीतर इश्यू लॉन्च करना होता है। अप्रैल में बाजार नियामक सेबी ने कुछ कंपनियों को एक बार की राहत दी थी। जिन कंपनियों के ऑब्जर्वेशन लेटर की अवधि 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच खत्म हो रही थी, उन्हें IPO लॉन्च करने के लिए 30 सितंबर तक का अतिरिक्त समय दिया गया था। यह राहत उस समय दी गई थी, जब मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव था। कंपनियों को खराब बाजार माहौल से निकलने का मौका देने के लिए यह फैसला लिया गया था। सेबी ने इश्यू का आकार बढ़ाने या घटाने की सीमा भी बढ़ाई थी। अब कंपनियां बिना नए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए इश्यू साइज में 50% तक बदलाव कर सकती हैं। पहले यह सीमा 20% थी।

इन कंपनियों पर सबसे ज्यादा नजर

प्राइम डेटाबेस के मुताबिक Credila Financial Services, Dorf-Ketal Chemicals India, Continuum Green Energy, Veritas Finance, Prestige Hospitality Venture और Innovatiview India समेत कई कंपनियों की IPO मंजूरी की समय सीमा 30 सितंबर को खत्म हो रही है। इन कंपनियों को अब बाजार की स्थिति और निवेशकों की मांग को देखते हुए जल्द फैसला लेना होगा।

इसके अलावा, Karamtara Engineering, Imagine Marketing, Mouri Tech, Ravi Infrabuild Projects, Greaves Electric Mobility, Lumino Industries, Runwal Enterprises, RITE Water Solutions, LCC Projects, Prozeal Green Energy और A One Steels India जैसी कंपनियां भी 30 सितंबर से पहले IPO लाने की तैयारी में हैं।

अगस्त में अब तक 8 IPO हो चुके हैं लॉन्च

आईपीओ बाजार में हलचल पहले ही तेज हो चुकी है। अगस्त में अब तक 8 आईपीओ लॉन्च हो चुके हैं। इनसे कंपनियों ने कुल 10,636 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इससे पहले जुलाई में 12 IPO के जरिए करीब 28,649 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। अगर 2026 के शुरुआती सात महीनों की बात करें तो इस दौरान 39 IPO के जरिए करीब 51,000 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। खास बात यह है कि यह रकम ऐसे समय में जुटाई गई है, जब सेकेंडरी मार्केट में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ था।

IPO टालने पर कंपनियों को फिर शुरू करनी पड़ सकती है प्रोसेस

कंपनियों के सामने एक बड़ा सवाल यह भी है कि अगर वे 30 सितंबर तक IPO नहीं ला पाती हैं तो क्या होगा। ऐसे में उन्हें नए सिरे से DRHP दाखिल करना पड़ सकता है। यह कंपनियों के लिए महंगा और समय लेने वाला विकल्प हो सकता है। नए सिरे से प्रोसेस शुरू करने पर करीब 3 से 5 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आ सकता है। इसके अलावा सेबी की फीस, नए ऑडिटेड वित्तीय आंकड़े और कानूनी जांच की प्रक्रिया भी दोबारा करनी पड़ सकती है। सबसे बड़ी बात यह है कि सेबी के रिव्यू प्रोसेस में फिर से करीब 60 से 90 दिन लग सकते हैं। यानी 30 सितंबर की समय सीमा निकलने के बाद कंपनियों के IPO प्लान में अच्छी-खासी देरी हो सकती है।

कई कंपनियां वैल्यूएशन घटाने को तैयार

बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कुछ कंपनियां अपनी रणनीति में बदलाव भी कर रही हैं। प्राइम डेटाबेस ग्रुप के एमडी Pranav Haldea के मुताबिक, कुछ कंपनियों ने वैल्यूएशन कम किया है, कुछ ने आईपीओ का आकार घटाया है, जबकि कुछ कंपनियों ने इश्यू को फिलहाल टालने का फैसला किया है। जेप्टो के मामले में भी वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों की आपत्तियों के चलते आईपीओ को टालने का फैसला सामने आया था।

30 सितंबर के बाद भी IPO की लंबी कतार

सिर्फ 34 कंपनियों तक ही मामला सीमित नहीं है। IPO की पाइपलाइन काफी लंबी है। प्राइम डेटाबेस के अनुसार, सेबी से मंजूरी पा चुकीं 133 और कंपनियां जुलाई 2027 के अंत तक आईपीओ के जरिए कुल 2.22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की तैयारी में हैं। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में आईपीओ बाजार में लगातार हलचल बनी रह सकती है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)