
नई दिल्ली। कोरोना के कहर से एक बार फिर सोने की चमक बढ़ गई है। घरेलू वायदा बाजार में बुधवार को सोने का भाव ( Gold Price Today ) फिर नई उंचाई पर पहुंच गई, जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना ( Gold Price in International Market ) आठ साल के उंचे स्तर पर है और पीली धातु के सामने आगे 1800 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ने की चुनौती है। कोरोनावायरस ( coronavirus Crisis ) का प्रकोप दोबारा गहराने से निवेश के सुरक्षित साधन के रूप में बुलियन के प्रति निवेशकों के बढ़ते रुझान से वैश्विक बाजार में सोने में जोरदार तेजी आई है जिससे भारतीय वायदा बाजार में भी सोने की चमक बढ़ गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना ( Gold Rate Today ) बुधवार को 48,333 रुपए प्रति 10 ग्राम तक उछला जोकि एमसीएक्स पर सोने के दाम ( Gold Price Hike ) का सबसे उंचा स्तर है। उधर, अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने का भाव 1791.55 डॉलर प्रति औंस तक उछला जोकि 2012 के बाद का सबसे उंचा स्तर है।
रिकॉर्ड लेवल पर सोना
घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर सोने के अगस्त एक्सपायरी अनुबंध में बुधवार को सुबह 10.05 बजे पिछले सत्र से 68 रुपए की बढ़त के साथ 48,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले सोने का भाव मजबूत विदेशी संकेतों से 48,333 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला जोकि अब तक सबसे उंचा स्तर है। हालांकि चांदी के जुलाई एक्सपायरी अनुबंध में पिछले सत्र से तकरीबन सपाट 48,785 रुपए प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था जबकि चांदी का भाव इससे पहले 48,803 रुपये प्रति किलो तक चढ़ा।
12 साल का उच्चतम स्तर पर सोने का भाव
कॉमेक्स पर सोने के अगस्त अनुबंध में पिछले सत्र से 3.80 डॉलर यानी 0.21 फीसदी की बढ़त के साथ 1785.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले सोने का भाव 1791.55 डॉलर प्रति औंस तक उछला। कॉमेक्स पर चांदी के जुलाई अनुबंध में पिछले सत्र से 0.11 फीसदी की बढ़त के साथ 18.08 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था।
कोरोना की वजह से बढ़े दाम
एजेंल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट और कमोडिटी बाजार के जानकार अनुज गुप्ता ने बताया कि कोरोना महामारी का प्रकोप दोबारा गहराने से निवेशकों का रुझान इस समय निवेश के सुरक्षित साधन के प्रति बढ़ता जा रहा है, जिससे पीली धातु की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। गुप्ता ने कहा कि दुनिया बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका बनी हुई है जिससे सोने में निवेशक मांग बनी रह सकती है और आगे कीमतों में नई उंचाई देखने को मिल सकती है।
नीतिगत ब्याज दरों में कटौती
कमोडिटी बाजार विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व समेत दुनिया के अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों ने कोरोना काल में नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की है, जिसका मकसद महामारी के कारण मिल रही आर्थिक चुनौतियों से अर्थव्यवस्था को बचाना है। बाजार विश्लेषक बताते हैं कि ब्याज दरों में हुई इस कटौती से महंगी धातुओं के प्रति निवेश रुझान बढ़ा है और आगे भी बुलियन को इसका सपोर्ट बना रहेगा।