विनिर्माण क्षेत्र की गति सुस्त रहने की वजह से इस साल मार्च में औद्योगिक वृद्धि दर में आई गिरावट शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च, 2018 में औद्योगिक वृद्धि दर 5.3 फीसदी थी
नई दिल्ली। विनिर्माण क्षेत्र की गति सुस्त रहने की वजह से इस साल मार्च में औद्योगिक वृद्धि दर घटकर 0.1 फीसदी रह गई। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च, 2018 में औद्योगिक वृद्धि दर 5.3 फीसदी थी। विनिर्माण ,खनन और बिजली जैसे तमाम उद्योगों के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक ( IIP ) के आधार पर औद्योगिक वृद्धि की गणना की जाती है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ( cso ) के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में औद्योगिक वृद्धि दर 3.6 फीसदी रही। वित्त वर्ष में 2017-18 में यह आंकड़ा 4.4 फीसदी पर था।
फरवरी में भी आई थी गिरावट
फरवरी में भी औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 20 माह के निचले स्तर 0.10 फीसदी पर थी। इसी बीच नवंबर 2018 के संशोधित आईआईपी आंकड़े भी जारी किए गए और यह वृद्धि दर घटकर 0.2 फीसदी रही जबकि पहले जारी आंकड़ों में यह 0.3 फीसदी थी। इससे पहले आईआईपी की सबसे निचली वृद्धि दर जून 2017 में 0.3 फीसदी रही थी। आईआईपी में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी 77.63 फीसदी होती है।
फरवरी 2018 में हुई थी बढ़ोतरी
फरवरी में विनिर्माण क्षेत्र में 0.3 फीसदी गिरावट रही जबकि पिछले साल इसमें 8.4 फीसदी का विस्तार हुआ था। पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन फरवरी में 8.8 फीसदी घट गया जो फरवरी 2018 में 16.6 फीसदी बढ़ा था। बिजली क्षेत्र की वृद्धि दर फरवरी में धीमी पड़ी। विनिर्माण क्षेत्र में 23 में से 10 औद्योगिक समूहों की वृद्धि पिछले साल की तुलना में सकारात्मक रही।
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