आटा, दाल और तेल समेत कई चीजों के बढ़ जाएंगे 10 फीसदी तक दाम कच्चे तेल की कीमतों की वजह से महंगाई पड़ेगी मार इंटर स्टेट ट्रांसपोर्टेशन बढऩे के कारण भी पड़ेगा सामानों के दाम पर असर
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के बाद देश के लोगों को महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी। जून की गर्मी के साथ जेब ठंडी होने का प्लेटफॉर्म पूरी तरह से तैयार हो चुका है। जिसका कारण कारण इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम बढऩा। जिसकी वजह देश में खाने के तेल से लेकर दाल, चावल और अन्य सामान के दामों में 10 फीसदी उससे ज्यादा भी दाम बढऩे की संभावना है। कमोडिटी मार्केट के एक्सपर्ट साफ कह रहे हैं कि जिस तरह से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम जा रहे हैं उससे देश में स्थानीय स्तर पर खाने-पीने के सामान पर पडऩा तय है। आइए जानते हैं कि मौजूदा समय में आटा दाल और खाने के तेल की क्या कीमतें हैं और जून में क्या हो जाएंगी...
10 फीसदी से ज्यादा बढ़ सकती है महंगाई
इंटरनेशनल मार्केट में इस साल क्रूड ऑयल के दाम में 40 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ चुका है। मई के बाद तेल की कीमतों में और अधिक बढ़ोतरी होने की संभावना है। ईरान पर प्रतिबंध की छूट 2 मई को खत्म हो रही है। वहीं वेनेजुएला पर पहले से ही प्रतिबंध है। जिसकी वजह से क्रूड ऑयल की डिमांड बढ़ेगी और ओपेक क्रूड ऑयल के दाम में इजाफा करेगा। जिसके कारण स्थानीय स्तर पर डीजल के दाम में इजाफा होगा। डीजल के दाम में इजाफा होने के बाद देश में खाने पीने के सामान में इजाफा होना तय है। एक्सपर्ट का मानना है कि डीजल के दाम में इजाफा होने के बाद देश में खाने-पीने की वस्तुओं में 10 फीसदी या उससे ज्यादा का इजाफा हो सकता है।
मौजूदा समय सामान के ये है दाम
मौजूदा समय की बात करें तो आटा, दाल और खाने के तेल की कीमतों के दाम स्थिर दिखाई दे रहे हैं। मौजूदा समय में चना प्रति टन 4400 रुपए है। वहीं बात उड़द की दाल की करें तो 4000 रुपए प्रति टन बाजार में थोक के भाव बिक रहा है। गेहूं की कीमत गेहूं 1900 रुपए प्रति टन है। सरसो के तेल की कीमत थोक में 1900 रुपए प्रति 10 लीटर में मिल रहा है। वहीं रिफाइंड ऑयल भी बाजार भाव में 700 रुपए प्रति 10 लीटर है।
मौजूदा समय में यह है सामान की कीमत
| सामान | मौजूदा दाम |
| चना | 4400 रुपए प्रति प्रति टन |
| उड़द | 4000 रुपए प्रति टन |
| गेहूं | 1900 रुपए प्रति टन |
| सोया | 3300 रुपए प्रति टन |
| सरसो | 500 रुपए प्रति 10 लीटर |
| रिफाइंड | 700 रुपए प्रति 10 लीटर |
इतना हो जाएगा इजाफा
वहीं एक्सपर्ट के अनुसार इन्हीं सामानों की कीमतों में 10 फीसदी इजाफा होने की उम्मीद लगाई जा रही है। इसका मतलब ये हुआ कि जून के महीने में चना 4840 रुपए प्रति टन हो जाएगा। इसके अलावा उड़द की दाल की संभावित कीमत जून में 4400 रुपए प्रति टन हो जाएगी। अगर बात गेहूं की करें तो उसकी कीमत 2100 प्रति टन होने की उम्मीद लगाई जा रही है। इसके अलावा सरसो का तेल की कीमत भी बढऩे की संभावना है। जानकारों की मानें तो सरसों के तेल की कीमत 550 रुपए प्रति 10 लीटर होने के आसार हैं। वहीं दूसरी ओर रिफाइंड ऑयल की कीमत 770 रुपए प्रति 10 लीटर होने की उम्मीद है।
जून में इतने का हो जाएगा सामान
| सामान | जून में संभावित दाम |
| चना | 4840 रुपए प्रति टन |
| उड़द | 4400 रुपए प्रति टन |
| गेहूं | 2100 रुपए प्रति टन |
| सोया | 3630 रुपए प्रति टन |
| सरसो | 550 रुपए प्रति 10 लीटर |
| रिफाइंड | 770 रुपए प्रति 10 लीटर |
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एंजेल ब्रोकिंग रिसर्च कमोडिटी एंड करंसी के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता का कहना है कि कच्चे तेल के दाम बढऩे की वजह से देश की कमोडिटी गूड्स के दामों में इजाफा होने की पूरी उम्मीद है। यह इजाफा 10 फीसदी तक हो सकता है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल के दाम में इजाफा होने के बाद मालभाड़े में इजाफा होगा। जिसका असर देश में दाल, गेहूं और तेल की कीमतों में साफ दिखाई देगा। वहीं चांदनी चौक के थोक व्यापारी अशोक गुप्ता का कहना है कि आने वाले दिनों में दाल और फूड ऑयल के दाम में इजाफे के पूरे संकेत मिल चुके हैं। क्योंकि डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसमें और इजाफा होगा। ऐसे में दाल की कीमतों में इजाफा होने की उम्मीद है।
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