अक्टूबर के महीने में जेट एयरवेज के शेयरों में करीब 13 रुपए का इजाफा डेढ़ साल से बंद पड़ी जेट एयरवेज पर 10000 करोड़ से ज्‍यादा का कर्ज
नई दिल्ली। बीते कुछ दिनों से जेट एयरवेज ज्यादा तो नहीं लेकिन कुछ चर्चा में तो है। जेट एयरवेज को दोबारा से शुरू करने की प्रक्रिया को लेकर बीते कुछ दिनों से तेजी से काम चल रहा था। अब इसके रिवाइल प्लान को मंजूरी मिल गई है। शनिवार को मिली मंजूरी से पहले ही शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में करीब 5 फीसदी की तेजी देखने को मिली थी। ताज्जुब की बात तो ये है कि इस महीने यानी अक्टूबर के महीने में जेट एयरवेज के शेयरों में 30 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिल चुकी है। आपको बता दें कि जनवरी के महीने में कंपनी के शेयरों ने 50 रुपए के साथ 52 हफ्तों की उंचाई का रिकॉर्ड छुआ था। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इस महीने जेट एयरवेज का शेयर कितने रुपए से कितने रुपए पर आ गया।
शुक्रवार को 5 फीसदी की तेजी
जेट एयरवेज के शेयर में शुक्रवार को 5 फीसदी की तेजी देखने को मिली थी। जानकारों की मानें तो कंपनी के रिवावाइल प्लान को भले ही शनिवार को मंजूरी मिली हो, लेकिन उसका असर शुक्रवार से ही देखने को मिल चुका था। एयरलाइन के शेयरों में उस 5 फीसदी का बड़ा असर देखने को मिला था। 40.15 रुपए पर कंपनी के शेयर बंद हुए थे। जबकि 38.25 रुपए पर खुले थे। यह कंपनी के शेयरों में तेजी उन निवेशकों के लिए भारी राहत की खबर है, जिन्होंने इस एयरलाइन के शेयरों में निवेश किया है।
अक्टूबर में 30 फीसदी से ज्यादा का इजाफा
अगर बात अक्टूबर की करें तो इस महीने कंपनी के शेयरों में 30 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिल चुकी है। एक अक्टूबर को एयरलाइन के शेयर 28.15 रुपए पर बंद हुए थे, जबकि 16 अक्टूबर को यह आंकड़ा 40.15 रुपए पर पहुंच गया। इसका मतलब साफ है कि इस दौरान कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। इसका कारण है जेट एयरवेज के रिवाइवल प्लान में तेजी से काम करना।
रिवाइवाल प्लान को मंजूरी
दिवालिया हो चुकी निजी एयरलाइन जेट एयरवेज के विमान एक बार फिर से उड़ान भरेंगे। जेट एयरवेज ने शनिवार को कहा कि मुरारी लाल जालान और फ्लोरियन फ्रिट्च की ओर से प्रस्तुत संकल्प योजना ने एयरलाइन का अधिग्रहण करने के लिए बोली जीत ली है। घोषणा जेट एयरवेज के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की ओर से की गई थी। जेट एयरवेज के आरपी आशीष छावछरिया ने कहा कि लेनदारों की समिति ने दो शॉर्टलिस्ट किए गए बोलीदाताओं द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रस्ताव योजनाओं पर ई-वोटिंग का निष्कर्ष निकाला है।
एयरलाइन पर है 10 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज
प्राइवेट सेक्टर की जेट एयरवेज पिछले साल अप्रैल से बंद पड़ी हुई है। जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने मार्च 2019 में ही चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। वित्तीय अनियमितताओं के कारण नरेश गोयल को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। एयरलाइन पर बैंकों का 10,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है। जब अप्रैल 2019 में एयरलाइन बंद हुई थी, तब कंपनी का शेयर 265.95 रुपए था। उस समय कंपनी का मार्केट कैप 3000 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का था।