
नर्इ दिल्ली। चीन की स्मार्टफोन कंपनी शाआेमी हाल ही में हांगकांग के शेयर बाजार में अपना आर्इपीआे लिस्ट किया था। कंपनी को इस बात का डर भी था कि कहीं ट्रेड वाॅर के कारण उसे कहीं भारी नुकसान ना उठाना पड़े। लेेकिन कंपनी की शुरूआत अगर अच्छी नहीं रही तो खराब भी नहीं रही। बावजूद इसके एक भारतीय को 320 करोड़ रुपए फायदा हो गया। आखिर कौन है यह शख्स? आइए आपको भी बताते हैं.…
कंपनी के है 23 लाख शेयर है
इस शख्स का नाम है मनु कुमार जैन। वास्तव में मनु कुमार जैन शाओमी में एंप्लॉयी स्टॉक ऑनरशिप प्लान (ESOP) के तहत शेयर पाने वाले टॉप-10 कर्मचारियों में से एक हैं। उनके पास कंपनी के करीब 23 लाख शेयर हैं। उन्हें यह शेयर शाओमी के भारत में प्रवेश के बाद 5 बार में मिले हैं। मनु दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ESOP होल्डर हैं। जैसे कंपनी का शेयर हांगकांग के शेयर मार्केट में लिस्ट हुआ उन्हें 320 करोड़ रुपए का फायदा हुआ।
कंपनी को नंबर वन बनाने में अहम योगदान
मर्इ माह में चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी शाओमी सैमसंग को पछाड़कर भारत में नंबर -1 बनी थी। भारत में प्रवेश के मात्र तीन साल में ही शाओमी ने यह उपलब्धि हासिल की थी। शाओमी को इस मुकाम तक पहुंचाने का श्रेय भारत के मनु कुमार जैन को जाता है। आइआइटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और आइआइएम कोलकाता से एमबीए की पढ़ाई करने वाले मनु कुमार जैन ने शाओमी को भारत में मार्केट लीडर बनाया है।
जबॉन्ग के को-फाउंडर रहे हैं मनु कुमार
चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी शाओमी को तीन साल में ही भारत की नंबर- 1 कंपनी बनाने वाले मनु कुमार भारत में खुद की फैशन इ-कॉमर्स कंपनी भी खोल चुके हैं। मनु ने अपने दोस्तों के साथ फैशन र्इ-कॉमर्स कंपनी जबॉन्ग डॉट कॉम का गठन किया था। लेकिन शाओमी से जुड़ने से पहले मनु ने 2014 में जबॉन्ग डॉट कॉम को अलविदा कह दिया था। जबॉन्ग को छोड़ने को लेकर एक इंटरव्यू में मनु ने कहा था कि उनकी परिवार बेंगलुरु में रहता है।