पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सरकार की तरफ से किसी राहत की उम्मीद खो चुके लोग अब अपने खास जुगाड़ से पैसे बचाने में लगे हुए हैं।
नर्इ दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढ़ते दाम आैर डाॅलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी से तेल कंपनियां लगातार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है। बीते एक माह में देश के लोगों को पेट्रोल-डीजल की कीमतों से कोर्इ राहत नहीं मिली है। हालांकि आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आैसतन 6 पैसे तक का इजाफा हुआ है। खासकर डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी से आम लोगों को खासा नुकसान झेलना पड़ रहा क्योंकि इससे सामानों की माल ढुलार्इ पर अधिक खर्च हो रहा है। नतीजतन इससे रोजमर्रा के लिए इस्तेमाल होने वाली कर्इ जरूरी सामानों के दाम में भी इजाफा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल की भी बढ़ती कीमतों से लोग पेरशान हो रहे है। सरकार से तेल की कीमतों में किसी तरह की राहत से पूरी तरह उम्मीद खो बैठी जनता अब खुद अपना जुगाड़ लगाने में जुटी हुर्इ है। लोग अाए दिन किसी न किसी तरकीब से तेल की कीमतों की मार से बचने के प्रयास में लगे हैं।
इस जुगाड़ से कर रहे पेट्रोल-डीजल की बचत
कुछ लोग र्इंधन बचाने के लिए अपने कार की एसी तक बंद कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग दूसरे राज्यों के बाॅर्डर तक जाकर अपने वाहन में तेल भरवा रहे हैं। गुवाहाटी के ट्रक चालक अनिरूद्ध बाेरा ने राॅयटर्स को बताया, "मैं अपने ट्रक में डीजल भरवाने के लिए मेघालय तक जाता हूं। इससे मुझे 100 लीटर पेट्रोल पर करीब 400 रुपए का फायदा हो जाता है।" कर्इ वाहन चालकों का कहना है कि वो रास्ते में कुछ देर के लिए एसी बंद कर दे रहे हैं ताकि थोड़ा ही सही लेकिन पेट्रोल बचाया जा सके। देश के सभी राज्यों में पेट्रोल व डीजल के दाम एक समान नहीं है। हर राज्य अपने हिसाब से पेट्रोल-डीजल पर अलग-अलग टैक्स वसूलता है। एेसे में पड़ोसी राज्य में थोड़े सस्ते पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए लोग राज्यों के बाॅर्डर की तरफ रूख कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने झाड़ चुकी है पल्ला
अभी पिछले माह ही तेल के बढ़ते दाम को लेकर देशव्यापी हड़ताल हुआ था। इस हड़ताल से व्यापार, सरकारी दफ्तर आैर स्कूलों तक के कामकाज पर असर देखने को मिला था। सरकार ने भी बढ़ती कीमतों पर काबू न पाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों आैर रुपए में कमजोरी काे जिम्मेदार ठहराया है। बताते चलें कि पिछले सप्ताह ही आंध्र प्रदेश, राजस्थान आैर पश्चिम बंगाल ने टैक्स में कटौती कर राज्य के लाेगों को थोड़ी राहत दी है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर लगने वाला टैक्स ही राज्य एवं केंद्र सरकार की कमार्इ के मुख्य स्त्रोतों में से एक है।