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Power Stocks Rally: ईरान युद्ध के बाद से 50% तक बढ़ गए इन 20 कंपनियों के शेयर, एक्सपर्ट्स से समझिए तेजी की वजह

Power Transmission Stocks: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बने रहने से भारत के पावर और एनर्जी शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है। बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और रिन्यूएबल कंपनियों में निवेश बढ़ा है।

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भारत

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Pawan Jayaswal

May 14, 2026

Power Transmission Stocks

पावर सेक्टर के शेयरों में बड़ी तेजी आई है। (PC: AI)

Energy Stocks: दुनिया के एनर्जी बाजार में इस वक्त काफी उथल-पुथल है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने सिर्फ तेल की कीमतों को ही नहीं हिलाया, बल्कि शेयर बाजार पर भी काफी असर डाला है। कुछ शेयरों को तो मिडिल ईस्ट संकट के बाद से काफी फायदा हुआ है। सबसे ज्यादा फायदा उन कंपनियों को हुआ है जो बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ी हैं।

3 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया m-Cap

ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। ऐसे माहौल में निवेशकों ने तेजी से पावर और एनर्जी शेयरों का रुख किया है। हालात ऐसे हैं कि युद्ध शुरू होने के बाद से निफ्टी एनर्जी इंडेक्स की कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 3 लाख करोड़ रुपये बढ़ चुका है। दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ तेल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दिख रही है, वहीं बिजली और ट्रांसमिशन सेक्टर में लंबी तेजी की उम्मीद बन रही है। विदेशी निवेशक भी अब इसी थीम पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। NSDL के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पावर सेक्टर के शेयरों में 5,557 करोड़ रुपये लगाए है।

इन शेयरों ने दिया सबसे ज्यादा रिटर्न

इस तेजी में सबसे आगे वे कंपनियां हैं, जो भारत की आयातित तेल पर निर्भरता कम करने वाली थीम से जुड़ी हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे ज्यादा उछाल अडानी पावर में देखने को मिला है। कंपनी का शेयर करीब 50 फीसदी तक चढ़ चुका है। इसके अलावा BHEL में 48 फीसदी, थर्मैक्स में 44 फीसदी, अडानी ग्रीन एनर्जी में 38 फीसदी और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में 27 फीसदी की तेजी आई है। हिटाची एनर्जी इंडिया 26 फीसदी, सुजलॉन 21 फीसदी, NTPC ग्रीन एनर्जी 19 फीसदी और NLC इंडिया का शेयर 18 फीसदी मजबूत हुआ है।

आखिर क्यों बदल रहा है निवेशकों का नजरिया?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सिर्फ युद्ध के डर वाली तेजी नहीं है। असली कहानी एनर्जी सिक्योरिटी की है। अब बाजार उन कंपनियों को ज्यादा महत्व दे रहा है, जो भारत को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकती हैं। वेंचुरा के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर के मुताबिक, इस रैली के पीछे तीन बड़े कारण हैं। पहला- कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से तेल खोज और उत्पादन करने वाली कंपनियों की कमाई बढ़ रही है। दूसरा- एनर्जी शेयरों को अब महंगाई से बचाव के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। तीसरा- दुनिया तेजी से ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ रही है और कंपनियां तेल कारोबार से होने वाले मुनाफे को रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स में लगा रही हैं। यही वजह है कि सोलर, बैटरी स्टोरेज, EV चार्जिंग और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

पावर इक्विपमेंट कंपनियों पर क्यों फिदा हैं विदेशी ब्रोकरेज?

ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस अब भारत की पावर ट्रांसमिशन कंपनियों को अगले कई सालों की ग्रोथ स्टोरी मान रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने हाल ही में हिटाची एनर्जी इंडिया पर कवरेज शुरू करते हुए 29,000 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स में मजबूत स्थिति में है और आने वाले सालों में इसकी कमाई तेजी से बढ़ सकती है। GE Vernova T&D को लेकर भी ब्रोकरेज काफी बुलिश हैं। वहीं, जेफरीज ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के पास ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स का बड़ा ऑर्डर बुक है और शेयर अभी भी अपने पुराने उच्च स्तर से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है।

क्या है आउटलुक?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कहानी सिर्फ कुछ महीनों की नहीं है। भारत धीरे-धीरे आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम करने की दिशा में बढ़ रहा है। यही वजह है कि गैस ट्रांसमिशन, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन और कंप्रेस्ड बायोगैस जैसे क्षेत्रों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की ऊंची कीमतों का असर सीधे महंगाई, रुपये और चालू खाते के घाटे पर पड़ता है। इसलिए बाजार अब उन कंपनियों को ज्यादा महत्व दे रहा है जो घरेलू ऊर्जा ढांचे को मजबूत कर सकती हैं।

वैल्यूएशन महंगा फिर भी निवेशकों को है भरोसा

PL Capital के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2026 में पावर सेक्टर का PE मल्टीपल 19 से बढ़कर 23 तक पहुंच गया। यह लंबे समय के औसत से ऊपर है। फिर भी कई ब्रोकरेज हाउस मानते हैं कि सेक्टर में अभी लंबी ग्रोथ बाकी है। देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस बढ़ रहा है और सरकार भी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को तेजी से आगे बढ़ा रही है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब तक मिडिल ईस्ट तनाव कम नहीं होता और तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तब तक पावर और एनर्जी शेयरों में मजबूती बनी रह सकती है।

आज क्या है मार्केट का हाल?

भारतीय शेयर बाजार में आज गुरुवार को अच्छी-खासी तेजी देखी जा रही है। गुरुवार दोपहर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 1.29 फीसदी या 962 अंक की बढ़त के साथ 75,565 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी इस समय 1.43 फीसदी या 330 अंक की बढ़त के साथ 23,740 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। हेल्थकेयर, फार्मा और मेटल शेयरों में आज सबसे अधिक तेजी देखी जा रही है।