अमेरिका और ईरान बढ़ाएगा भारत की मुसीबत 3 मई के बाद बढ़ेगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें प्रतिबंध का खतरा मोल नहीं लेना चाहता भारत
नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा ईरान से तेल खरीददारों को दी गई छूट बंद करने की घोषणा के बाद से कच्चे तेल के दामे में जोरदार तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड के भाव तो 75 डॉलर प्रति बैरल से उपर चला गया। अमेरिका ने 8 नवंबर को कहा था कि ईरान से कच्चा तेल ( crude oil ) आयात करने वाले देशों को आयात बंद करना होगा। अगर ये देश ऐसा नहीं करते हैं तो उनपर अमरीका प्रतिबंध लगा सकता है। हालांकि इसके लिए 6 महीने का समय दिया गया था जो 2 मई को पूरा होने वाला है। अमेरिका ने ईरान से जिन देशों के आयात बंद करने की बात कही थी उनमें भारत भी शामिल है।
क्या कहते हैं जानकार
केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया ने पत्रिका को बताया कि भारत के लिए ईरान क्रूड ऑयल का तीसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर है। अगर 2 मई को अमेरिका ये फैसला कर देता है तो लाजिमी है कि क्रूड ऑयल के दाम में 2.5 फीसदी की तेजी देखी जा सकती है। जिसके बाद पेट्रोल- डीजल की कीमतों में 3 रुपए तक की बढोत्तरी हो सकती है। अजय केडिया के अनुसार, ओपेक तेल का उत्पादन बढ़ाने का फैसला शायद तभी कर सकता है, जब ब्रेंट क्रूड का भाव 80-85 डॉलर प्रति बैरल हो। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज-एमसीएक्स-पर कच्चे तेल का मई अनुबंध पिछले सत्र से 74 रुपये यानी 1.60 फीसदी की गिरावट के साथ 4,563 रुपये प्रति बैरल पर बना हुआ था, जबकि भाव कमजोरी के साथ 4,620 रुपये पर खुला और 4,560 रुपये तक फिसला।
अमेरिका और ईरान का भारत पर असर
अमेरिका ने साफ कर दिया है ईरान पर सर्वाधिक आर्थिक दबाव बनाने के लिए उन देशों को छूट से बाहर करें जो प्रतिबंध के बावजूद भी ईरान से कच्चे तेल का आयात कर रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान को कच्चे तेल से मिलने वाला रेवेन्यू पूरी तरह से खत्म हो जाए। अगर ऐसा होता है तो भारत को महंगा क्रूड खरीदना पड़ेगा जिसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दिखेगा।
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