यूएस एनर्जी इनफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (ईआईए) का अनुमान के अनुसार दिसंबर तक कच्चे तेल की कीमत 85 रुपए प्रति बैरल हो सकते हैं।
नर्इ दिल्ली। देश में अगर सरकार ने कोर्इ कदम नहीं उठाया तो पेट्रोल के दाम 100 रुपए होने में कोर्इ देर नहीं लगेगी। यह कोर्इ मजाक नहीं है। ना ही पत्रिका डॅट काॅम अपने खुद के हवाले से एेसी कोर्इ जानकारी दे रहा है। वास्तव में यह कहना है कि यूएस एनर्जी इनफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (ईआईए) का। ईआईए के अनुमान के अनुसार दिसंबर तक कच्चे तेल की कीमत 85 रुपए प्रति बैरल हो सकते हैं। जिसके बाद पेट्रोल आैर डीजल की कीमत 100 रुपए प्रति होने में कोर्इ देर नहीं लगेगी। वहीं दूसरी आेर डाॅलर के मुकाबले रुपए में गिरावट आैर र्इरान पर प्रतिबंध भी इसके मुख्य कारण हो सकते हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर र्इआर्इए ने अपनी रिपोर्ट में आैर क्या कहा है?
87 रुपए के आसपास पहुंच चुका है तेल
अगर आर्इआेसीएम के आंकड़ों की मानें तो मुंबर्इ में तेल के दाम मौजूदा समय में अपने पीक पर है। इस समय में यहां पेट्रोल के दाम 86.56 रुपए प्रति लीटर पहुंच चुके हैं। यानि पेट्रोल के दाम जिस दर से बढ़ रहे हैं मुंबर्इ में दिसंबर से पहले 100 रुपए प्रति लीटर पहुंचने के आसार हैैं। जबकि बाकी महानगरों में दिल्ली को छोड़ कोलकाता आैर चेन्नर्इ में पेट्रोल के दाम 80 रुपए प्रति लीटर पार कर चुके हैं।
र्इरान पर प्रतिबंध का दिखेगा असर
र्इरान पर अमरीकी प्रतिबंध 4 नवंबर से असर दिखाना शुरू हो जाएगा। जिसके बाद भारत समेत कर्इ देश र्इरान से कच्चा तेल आयात नहीं कर सकेंगे। एेसे में भारत में पेट्रोल आैर डीजल के दाम आैर भी ज्यादा बढ़ जाएंगे। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2-3 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हो सकती है। दूसरी आेर भारत लगातार इस बात को कहता आ रहा है कि आेपेक देश कच्चे तेल का उत्पादन नहीं बढ़ा रहे हैं। जिसकी वजह से देश में पेट्रोल आैर डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं दूसरी आेर डाॅलर के मुकाबले रुपए में लगातार गिरावट जारी है।