
नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल का दाम एक बार फिर एक महीने के उपरी स्तर पर पहुंच गया हैं। इसके लिए सरकार द्वारा दिया गया एक्साइज ड्यूटी में कटौती अब काम नहीं आ रहा हैं। ऐसे में उन लोगों को एक बड़ा झटका लग सकता हैं जो पेट्रोल-डीजल के दाम घटने का इंतजार कर रहे थे। एक रिपोर्ट के अुनसार पेट्रोल की कीमतें 80 रुपए प्रति लीटर के पार जा सकती हैं, इसके साथ ही डीजल भी 65 रुपए प्रति लीटर के पार जा सकती हैं। उल्लेखनीय है कि, अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 2 साल के अपने उच्चतम स्तर पर है। फिलहाल कच्चे तेल की कीमत 65 डॉलर प्रति बैरल के पार हैं। अभी हाल ही में सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडरों के दाम में 4 रुपए प्रति सिलेंडर का इजाफा किया था।
सरकार नें पेट्रोल-डीजल के दाम को कम करने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती किया था। लेकिन उस वक्त अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 55 डॉलर प्रति बैरल था। जो कि अब बढक़र 65 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुका हैं। पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमत में 10 फीसदी का बढ़ोतरी हुआ हैं।
नोमुरा के रिपोर्ट ने जताई आशंका
नोमुरा ने अपने एक रिपोर्ट में कहा है कि, अंतराष्ट्रीय बाजारों मे बढ़ रहे कच्चे तेल का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता हैंं। क्योंकि क्रुड ऑयल के कीमतें बढ़ऩे से वित्तीय घाटे की भी बढऩे की उम्मीद हैं। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकता हैं। हालांकि सरकार एक्साइज ड्यूटी में एक बार फिर कटौती करके इसे कंट्रोल कर सकती हैंं। कु्रड ऑयल के दामों में बढ़ोतरी से रिटले महंगाई भी 0.6-0.7 फीसदी तक बढ़ सकता हैं।
सरकार ने कम किया था वैट
पिछले महीने 3 अक्टूबर को सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाले वैट की दरों में भी कटौती किया था, जिसके बाद अलग-अलग शहरों में पेट्रोल के दाम में कमी आई थी। लेकिन एक नवंबर को एक बार फिर से इसमें बढ़ोतरी हो गया हैं। वैट मेंं कमी के बाद से डीजल की कीमतों में भी कमी आया था। लेकिन इसके बाद से डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रहा हैं।