तीन दिनों की लगातार बारिश ने घरेलू आवक हुई कम दिल्ली एनसीआर में फिर 150 रुपए किलो प्याज दिल्ली में प्याज का थोक भाव 112 रुपए किलो गया विदेशों से आवक कम होने के कारण भी कीमतों में इजाफा
नई दिल्ली। देश के विभिन्न इलाकों में हाल में हुई बारिश और नागरिकता संशोधन एक्ट ( Citizenship Amendment Act 2019 ) के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन की वजह से प्याज का दाम ( Onion price ) फिर आसमान चढऩे लगा है। देश की राजधानी दिल्ली में प्याज के खुदरा भाव ( Retail Price of onion ) 150 रुपए किलो तक बिकने लगा है और दाम में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र स्थित आजादपुर मंडी में प्याज का थोक भाव ( Wholesale price of onion ) 112 रुपए प्रति किलो से ऊपर चला गया, जोकि अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। आजादपुर एग्रीकल्चलर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी के एक अधिकारी ने बताया कि अगर अफगानिस्तान से प्याज नहीं आई होती तो दिल्ली में प्याज का भाव आज 200 रुपए किलो तक चला गया था। आजादपुर मंडी में मंगलवार को प्याज की कुल आवक 566.5 टन थी, जिसमें विदेशी प्याज 279.1 टन था।
अब तक के उच्चतम स्तर पर प्याज का थोक भाव
एपीएमसी की कीमत सूची के अनुसार, दिल्ली में प्याज का थोक भाव मंगलवार को 70-112.50 रुपए प्रति किलो था। उधर, खुदरा बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में प्याज 100-150 रुपए प्रति किलो बिकने लगा है। आजादपुर मंडी ऑनियन मर्चेंट एसोसिएशन के प्रेसीडेंट राजेंद्र शर्मा ने बताया कि बारिश के बाद जमीन में नमी होने के कारण किसान प्याज की फसल खेतों से नहीं निकाल रहे हैं, यही वजह है कि देशभर में प्याज की आवक प्रभावित हुई है।
विरोध प्रदर्शन की वजह से प्याज की आवक प्रभावित
बाजार सूत्रों के अनुसार, नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश में जगह-जगह हो रहे विरोध प्रदर्शन से भी प्याज की आवक प्रभावित हुई है। कारोबारियों ने बताया कि प्याज का थोक दाम बढऩे का असर अभी खुदरा बाजार में एक-दो दिनों तक बरकरार रहेगा, इसलिए प्याज के खुदरा दाम में और वृद्धि हो सकती है। इस बीच सूत्रों ने बताया है कि सरकार द्वारा आयातित प्याज की पहली खेप मुंबई बंदरगाह पर पहुंच चुकी है।
सरकार ने लिए यह अहम फैसले
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देश में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 1.2 लाख टन प्याज का आयात करने का फैसला किया है। सरकार ने इसके अलावा थोक एवं खुदरा कारोबारियों के लिए प्याज के भंडारण की सीमा तय कर दी है, ताकि कोई प्याज की जमाखोरी न कर पाए और कीमतों में हो रही वृद्धि पर लगाम लगाई जा सके। थोक कारोबारियों के लिए प्याज भंडारण की तय सीमा 25 टन, जबकि खुदरा कारोबारियों के लिए दो टन है।