
नई दिल्ली। बीते सप्ताह की गिरावट को भुलाते हुए अलगे सप्ताह में शेयर बाजार ( Share Market ) तेजी के साथ आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे सकता है। आरबीआई एमपीसी ( RBI MPC ) की बैठक के साथ देश के आर्थिक आंकड़ों का भी इंतजार है। वहीं ऑटो सेक्टर ( Auto Sector ) के आंकड़े भी आएंगे। जो बाजार में तेजी रुख दे सकते हैं। वहीं कई कंपनियों के तिमाही नतीजे भी आएंगे, जो शेयर बाजार पर फर्क डाल सकते हैं। वहीं कोरोना वायरस ( coronavirus ) का बाजार पर तो असर रहेगा ही। आपको बता दें कि शेयर बाजार में बीते सप्ताह एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली थी।
आरबीआई एमपीसी से सेक्टर्स के आंकड़े डालेंगे बाजार में असर
इस सप्ताह 4 से 6 जुलाई के बीच रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक होगी। उसके नतीजे शेयर बाजार में असर डाल सकते हैं। वहीं जानकारों की मानें तो इस सप्ताह की शुरुआत में जुलाई माह के वाहन बिक्री आंकड़े भी सामने आएंगे। कोरोना महामारी के बीच जुलाई में वाहन बिक्री के आंकड़े सुधार देखने को मिला है। देश के ज्यादातर हिस्सों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैै। ऐसे में वाहन उद्योग की बिक्री का आंकडा जुलाई में इससे पिछले महीने की तुलना में काफी अच्छा रहा है। इसके अलावा अब उत्पादन के मामले में भी वाहन उद्योग की स्थिति सामान्य हो रही है। इसके अलावा बाजार निवेशकों की निगाहें पीएमआई मैन्युफैक्चर और सर्विस सेक्टर के आंकड़ों पर भी होगी।
इन कंपनियों के तिमाही नतीजे आएंगे सामने
इस हफ्ते भारती एयरटेल, टाटा स्टील, ल्यूपिन, टाइटन, वोल्टास, अपोलो टायर्स, केनरा बैंक, अडाणी पावर और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी बड़ी कंप़नियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं। जो इनके शेयरों में उतार-चढ़ाव लेकर आ सकते हैं। जानकारों की मानें तो बीते सप्ताह एसबाआई, रिलायंस, एचडीएफसी, आईओसीएल आदि बड़ी कंपनियों तिमाही नतीजे आए थे। जिसके बाद बाजार में बिकवाली देखने को मिली। रिलायंस के नतीजे बेहतर होने के बाद भी बिकवाली रही थी। ऐसे में इस सप्ताी भी नतीजों का असर बाजार में देखने को मिल सकता है।
रहेगा इंटरनेशनल इंपैक्ट
देश ही नहीं पूरी दुनिया में कोरोना वायारस के मामलों इजाफा देखने को मिल रहा है। जिसकी वजह से वैश्विक बाजार भी उतार चढ़ाव के दौर से गुजर रहे हैं। इसका भारतीय शेयर बाजार में देखने को मिल सकता है। इसके अलावा अमरीका-चीन संबंधों से जुड़े घटनाक्रम भी वैश्विक बाजारों की दिशा को तस करेंगे। इसके अलावा निवेशकों की निगाह रुपये-डॉलर के उतार-चढ़ाव तथा ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी।