स्टेच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंटी प्रतिमा बन गई है।
नई दिल्ली। गुजरात के केवड़िया में बन रही पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' बनकर तैयार है। इस मूर्ति का निर्माण लगभग पांच साल में हुआ है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2013 को स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की आधारशिला रखी थी। इस प्रतिमा को बनाने में करीब 3000 करोड़ रुपए का खर्च आया है और यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा बन गई है। इस प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर है। करीब 2500 कर्मचारियों ने प्रतिमा का निर्माण किया है।
सीएम विजय रुपाणी ने दी जानकारी
सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का कार्य पूरी होने की जानकारी खुद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने दी है। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेने आए रुपाणी ने कहा कि स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पूरी तरह से बनकर तैयार है। 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रतिमा का उद्धाटन करेंगे। आपको बता दें कि 31 अक्टूबर को ही सरदार वल्लभबाई पटेल का जन्मदिवस मनाया जाता है। उनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था। सरदार वल्लभभाई पटेल को लौह पुरुष के नाम से भी जाना जाता है।
ये हैं स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की खासियत
- स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई 182 मीटर है। जबकि नर्मदा तट से यह 240 मीटर ऊंची है।
- गुजरात विधानसभा में 182 सीटें होने की वजह से स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई 182 मीटर ही रखी गई है।
- स्टेच्यू ऑफ यूनिटी 182 मीटर के साथ दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बन गई है। अभी चीन की 128 मीटर ऊंची बुद्ध प्रतिमा को सबसे ऊंची प्रतिमा का गौरव हासिल है।
- सरदार वल्लभभाई पटेल की 143वीं जयंती पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का उद्धाटन होगा।
- स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के लिए भाजपा की ओर से पूरे देश में लोहा इकट्ठा करने के लिए अभियान भी चलाया गया था।
- जिस स्थान पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण हो रहा है वह सरदार सरोवर बांध से 3.32 किलोमीटर दूर है।