जब पीएम मोदी ने मेक इन इंडिया का नारा लगाते हुए ये कहा की, देश में बने यानी की मेड इन इंडिया के ब्रांड के प्रोडक्ट खरीदे तो लोगों ने ऐसा करना शुरु कर दिया।
नई दिल्ली। जब पीएम मोदी ने मेक इन इंडिया का नारा लगाते हुए ये कहा की, देश में बने यानी की मेड इन इंडिया के ब्रांड के प्रोडक्ट खरीदे तो लोगों ने ऐसा करना शुरु कर दिया। इस नारे का अगर किसी को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है तो वो है पंतजली। इस नारे के बाद तो जैसे बाबा रामदेव की पंतजली एक बड़ी कंपनी बनकर सामने आई। आज भी अगर बात मेड इन इड़िया के प्रोडक्ट की बात की जाए तो शायद लोगों के दिमाग में पहला नाम का पंतजली का ही आयेगा। शायद आपको भी यही लगता होगा की मेड इन इंडिया प्रोडक्ट में पंतजली लोगों की पहली पंसद है, और यह देश का सबसे बड़ देशभक्त ब्रैंड। लेकिन ऐसा नहीं है। हाल ही में आये एक सर्वे के अनुसार देश की सबसे बड़ी बैंक यानी बैंक ऑफ इंडिया को सबसे बड़ा देशभक्ट ब्रैंड चुना गया है।
एसबीआई लोगों बना लोगों की पहली पंसद
यूके की एक ऑनलाइन मार्केट रिसर्च ऐंड डेटा ऐनालेटिक्स फर्म जिसका नाम यूगव है, उसने इससे संबंधित एक सर्वे करवाया था।सर्वे में 11 कटिगरी के 152 ब्रैंड्स शामिल थे। जिनमें टाटा मोटर्स, रिलायंस जियो और बीएसएनएल, एसबीआई, और पतंजली जैसी जानी-पहचानी कंपनियां शामिल थी।एसबीआई इन सभी को पछाड़कर सबसे बड़ा देशभक्ट ब्रैंड बन गया। 2 अगस्त से 8 अगस्त के बीच हुए इस सर्वे में 1,193 लोगों ने हिस्सा लिया था। इनमें से 16 प्रतिशत लोगों ने SBI के लिए वोट किया। वहीं, दूसरे नंबर पर टाटा मोटर्स और पतंजलि (8 प्रतिशत) रहे। रिलायंस जियो और बीएसएनएल (6 प्रतिशत) के साथ तीसरे नंबर पर रहे।
लोगों को पंतजलि से ज्यादा पसंद है अमूल
फूड ब्रैंड में अमूल एक तिहाई लोगों की पंसद बनकर सबसे पहले नंबर पर रहा। वहीं रामदेव का पतंजलि ब्रैंड दूसरे नंबर पर था। हालांकि, पर्सनल केयर स्पेस में पतंजलि सबसे आगे है। यहां उसने डाबर और वीको जैसे जानेमाने और पुराने नामों को पछाड़ा। टेलिकॉम सेक्टर में बीएसएनएल ने 41 प्रतिशत लोगों की पंसद बनकर जियो आदि को पछाड़ दिया।