2018 में भारतीय रिजर्व बैंक ने इस पर लगा दिया था प्रतिबंध इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने डाली थी याचिका
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देश में क्रिप्टोकरंसी में व्यापार की दे दी। इससे पहले 2018 में भारतीय रिजर्व बैंक ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिसमें सभी बैंक और वित्तीय संस्थान को क्रिप्टोकरंसी में डील ना करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके खिलाफ इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजेज की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि देश में कोई कानून नहीं है, जिससे क्रिप्टोकरंसी पर बैन लगाया जा सके। इसलिए आरबीआई क्रिप्टोकरंसी से जुड़े ट्रांजैक्शन के लिए बैंकिंग चैनल के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगा सकता।
इस साल बिक्वाइन का क्या है हाल
इस फैसले पहले इस साल बिटक्वाइन की वैल्यू की बात करें तो 50 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हो चुका है। अक्टूबर 2019 के बाद पहली बार बिटकॉइन 10,000 डॉलर भारतीय रुपए के अनुसार 7.30 लाख रुपए पर आ गया था। मौजूदा समय में इसकी वैल्यू 8,793 डॉलर यानी 6.42 लाख रुपए है। वहीं क्रिप्टोकरंसी में भी इस साल तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। इथेरियम और रिपल की वैल्यू में 60 फीसदी से लेकर 75 फीसदी तक की तेजी देखने को मिल चुकी है।
आखिर क्या है क्रिप्टोकरेंसी और बिटक्वाइन
क्रिप्टोकरंसी एक तरह की डिजिटल करंसी है। जिसे रेगुलेट करने के लिए एनक्रिप्शन तकनीक इस्तेमाल होता है। दुनिया के कुछ देशों ने इसका समर्थन किया है। 2017 में जापान ने बिटक्वाइन वैध करंसी का दर्जा दे दिया था। वहीं कुछ देशों में इसे अभी बैन किया हुआ है। साथ ही ट्रेडिंग पर चेतावनी भी दे चुकी हैं। बिटक्वाइन करें तो इसे वर्चुअल दुनिया में सातोशी नाकामोतो ग्रुप लेकर आया था। 2009 में बिटक्वाइन की शुरुआत हुई। इसकी सेल परचेंज सिर्फ ऑनलाइन होती है। 2017 के आखिरह महीने में इसकी वैल्यू में 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली थी जो करीब 20,000 डॉलर पर पहुंच गई थी। इसके बाद सात हफ्ते में 70 फीसदी गिरावट आई थी।