सन फार्मास्यूटिकल्स इंडस्ट्रीज के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर दिलीप सांघवी और उनके ब्रदर-इन-लॉ सुधीर वालिया के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाए जाने के बाद कंपनी के शेयरों सोमवार को तेज गिरावट दर्ज की गई।
नई दिल्ली। एक गलत ई मेल कितना भारी पड़ सकता है इसका अंदाजा शायद सन फार्मा के मुखिया दिलीप सांघवी को अब पता लग गया होगा। दरअसल सन फार्मास्यूटिकल्स इंडस्ट्रीज के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर दिलीप सांघवी और उनके ब्रदर-इन-लॉ सुधीर वालिया के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाए जाने के बाद कंपनी के शेयरों सोमवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का शेयर 10 फीसदी से अधिक तक लुढ़क गया, जो मई 2017 के बाद से इंट्रा डे ट्रेडिंग के दौरान हुई सबसे बड़ी गिरावट है। जिसके चलते महज कुछ ही घंटो में कंपनी की मार्केट वैल्यू 10 हजार करोड़ रुपए घट गई।
ये है पूरा मामला
आपको बता दें कि बाजार नियामक सेबी ने 150 पन्नों की चिट्ठी लिखकर दिलीप सांघवी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के मुताबिक दिलीप सांघवी और सुधीर वालिया ने धर्मेश दोषी नाम के शख्स के साथ गड़बड़ी करने में शामिल हैं। गौरतलब है कि दोषी को पर पहले ही सेबी प्रतिबंध लगा चुका है।
इस तरह हुई हेराफेरी
दिलीप सांघवी पर जो आरोप लगे हैं उसके मुताबिक साल 2002से 2007 के दौरान सन फार्मा ने कथिक रूप से दो से तीन बार फॉरेन करेंसी कनवर्टिबल बॉन्ड्स को जारी किया और इसी दौरान अनियमितता हुई। आपको बता दें कि इस घोटाले में जेरमिन कैपिटल एलएलसी, जेरमिन कैपिटल पार्टनर्स और धर्मेश दोशी/केतन पारेख के बीच संबंध सामने आए हैं। जिसके बाद से सेबी मामले पर नजर बनाए हुए है।