
एचडीएफसी बैंक के शेयर में बड़ी गिरावट आई है। (PC: AI)
HDFC Bank Share: 18 मार्च को HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे का उन्होंने एथिकल और वैल्यू बेस्ड कारण बताया। इतना काफी था बाजार को हिला देने के लिए। जब यह खबर आई कि AT-1 बॉन्ड की कथित गलत बिक्री के मामले में 12 और अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है तो शेयर और दबाव में आ गया। लेकिन Basav Capital के सह-संस्थापक संदीप पांडे साफ कहते हैं कि किसी पार्ट-टाइम चेयरमैन के इस्तीफे से HDFC Bank जैसी संस्था के फंडामेंटल नहीं बदलते हैं। AT-1 बॉन्ड का मामला पैसों के लिहाज से बहुत छोटा है और बैंक की बैलेंस शीट पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उनके शब्दों में कहें तो यह गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए "सोने में सुहागा" है।
एचडीएफसी बैंक का शेयर अभी एक "रीसेट फेज" में है। HDFC Ltd के विलय के बाद बैंक बैलेंस शीट को दुरुस्त करने में लगा है। कर्ज-जमा अनुपात ऊंचा है, मुनाफे पर दबाव है और बैंक जमा के लिए ज़्यादा कंपटीशन में उतरना पड़ रहा है।
ऊपर से नेतृत्व में बदलाव ने बड़े संस्थागत निवेशकों को असहज किया है। FII की बिकवाली, बढ़ता कच्चा तेल, कमजोर रुपया, इन सबने मिलकर बड़े फाइनेंशियल शेयरों को और नीचे धकेला है। हरिप्रसाद कहते हैं कि यह बैंक की बुनियादी कमजोरी नहीं है। यह बदलाव का दौर है।
HDFC Bank ने मार्च 2026 तिमाही का कारोबारी अपडेट दिया है। औसत एडवांस 29.64 लाख करोड़ रुपये रहा है जो पिछले साल से 10 फीसदी ज़्यादा है। पीरियड एंड ग्रॉस एडवांस 29.60 लाख करोड़ यानी 12 फीसदी की बढ़ोतरी। डिपॉज़िट 28.51 लाख करोड़, पिछले साल से 12.8 फीसदी ज़्यादा। CASA यानी चालू और बचत खाते की जमाएं 9.18 लाख करोड़ हुईं, 10.8 फीसदी की बढ़त। यानी कारोबार बढ़ रहा है। घमासान की खबरों के बीच बैंक चल रहा है।
तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक शेयर 740 से 750 रुपये के आसपास सपोर्ट ढूंढ रहा है। अगर यह टूटा तो 680 रुपये तक गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ 800 से 820 रुपये पर मजबूत रुकावट है। जो लंबे समय के लिए खरीदना चाहते हैं उनके लिए संदीप पांडे की राय है कि मौजूदा स्तर अच्छा एंट्री पॉइंट हो सकता है। लेकिन छोटी अवधि में उठापटक जारी रह सकती है।
Published on:
04 Apr 2026 03:48 pm
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