टैरिफ के मसले पर अमरीका और चीन के बीच जारी तनाव के अधिक गहराने की आशंकाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल के भाव शुक्रवार को लुढ़क गए हैं।
नई दिल्ली। टैरिफ के मसले पर अमरीका और चीन के बीच जारी तनाव के अधिक गहराने की आशंकाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल के भाव शुक्रवार को लुढ़क गए हैं। हालांकि वेनेजुएला के घटते उत्पादन और ईरान पर प्रतिबंध लगाने की अमरीका की चेतावनी से कच्चे तेल की गिरावट सीमित रही। इससे एक सितंबर को आने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में असर दिखाई दिख सकता है।आपको बता दें कि देश में पेट्रोल और डीजल के दाम अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुके हैं।
इतनी आई गिरावट
लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा दोपहर में 13 सेंट की गिरावट के साथ 77.64 डॉलर प्रति बैरल रहा। अमरीकी कच्चा तेल का वायदा हालांकि 70.25 डॉलर प्रति बैरल पर टिका रहा। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ तथा चीन के बीच जारी व्यापारिक तनाव से आर्थिक विकास की गति पर नकारात्मक असर पड़ेगा और ईंधन की मांग भी इसी के समानान्तर रहेगी।
कच्चे तेल की आपूर्ति कम
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों को कहा है कि वह 200 अरब डॉलर के और चीनी उत्पादों पर टैरिफ लगाने को तैयार हैं। बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति अपेक्षाकृत कम है लेकिन व्यापार युद्ध से सशंकित कारोबारियों वैश्विक विकास और ईंधन की मांग को लेकर भी चिंतित हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में आ सकती है तेजी
कारोबारियों का कहना है कि भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। वेनेजुएला से कच्चे तेल की आपूर्ति में काफी गिरावट आयी है और ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंध का असर नवंबर से कच्चे तेल के निर्यात पर दिखेगा। खरीदारों ने ईरान प्रतिबंध को मद्देनजर अपनी खरीद अब से ही कम कर दी है, जिससे बाजार में आपूर्ति संकट गहरा गया है।