शेयर में गिरावट से वेदांता ग्रुप का मार्केट वैल्युएशन करीब 5600 करोड़ रुपए घटने की बात सामने आर्इ है।
नर्इ दिल्ली। जब से तमिलनाडु सरकार ने तूतीकोरिन स्थित वेदांता ग्रुप के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को हमेशा के लिए बंद करने का आदेश दिए हैं तब से शेयर मार्केट में मातम सा छाया हुआ है। ताज्जुब की बात तो ये है कि मंगलवार को बाजार खुला कंपनी को कर्इ हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। बीएसई पर वेदांता के शेयर में 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। शेयर में गिरावट से कंपनी का मार्केट वैल्युएशन करीब 5600 करोड़ रुपए घटने की बात सामने आर्इ है।
वेदांता को हुआ 5600 करोड़ रुपए का नुकसान
मंगलवार को बीएसई पर शेयर 4.39 फीसदी की गिरावट के साथ 242 रुपए के भाव पर खुला था। कारोबार के दौरान गिरावट बढ़ने से शेयर 5.94 फीसदी टूटकर 238.05 रुपए के निचले स्तर पर पहुंच गया। शेयरों में कमजोरी से वेदांता लिमिटेड की मार्केट कैप करीब 5600 करोड़ रुपए घट गई। सोमवार को कंपनी की मार्केट कैप 94,063.32 करोड़ रुपए थी। वहीं आज शेयर के लो लेवल पर एमकैप 88,470.06 करोड़ रुपए हो गई। इस तरह कंपनी का वैल्युएशन 5593.26 करोड़ रुपए घट गया।
सोमवार को सीएम ने दिए थे आदेश
इससे पहले तमिलनाडु के सीएम मुख्यमंत्री ईके पलनीस्वामी ने बयान में कहा कि तांबा प्रगालक संयंत्र के 'संचालन की सहमति' इस साल मार्च में समाप्त हुई थी और इसे टीएनपीसीबी द्वारा नवीनीकृत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 24 मई को संयंत्र की बिजली व पानी के कनेक्शन की आपूर्ति काटी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तूतीकोरिन के लोगों की संयंत्र को बंद करने की मांग स्वीकार कर ली गई है और इस प्रभाव के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
13 लोगों की गई जान
स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने के लिए लोगों ने 99 दिनों तक प्रदर्शन किया था। उनका आरोप है कि फैक्ट्री इलाके में प्रदूषण फैला रही है। यहां धातु गलाने के साथ कॉपर का काम होता है, जिससे जहरीले रसायन का प्रदूषण हर ओर फैल रहा है और ये जानलेवा है। फैक्ट्री के विरोध में चल रहा लोगों का प्रदर्शन 22 मई को हिंसक हो गया था। इसे रोकने के लिए की गई पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की जान चली गई थी।