शेयर बाजार में वेदांता लिमिटिड के शेयरों में करीब 5 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। यह तेजी तमिलनाडु सरकार के उस फैसले के बाद आई है जिसमें उन्होंने स्टरलाइट प्लांट में ऑक्सीजन प्रोडक्शन के लिए सील खोलने का फैसला लिया है।
नई दिल्ली। तमिलनाडु के कई राजनीतिक दलों ने सोमवार को राज्य में COVID-19 संक्रमण के व्यापक प्रसार के मद्देनजर वेदांता लिमिटिड के थूथुकुडी में सील स्टरलाइट कॉपर प्लांट में मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन को फिर से शुरू करने का समर्थन कर दिया है। इसको लेकर दो घंटे तक सर्वदलीय बैठक हुई। जिसके बाद डीएमके की नेता कनिमोझी इस बात की जानकारी दी। जिसके बाद शेयर बाजार में वेदांता लिमिटिड के शेयरों में करीब 5 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर वेदांता को इस फैसले से कितना फायदा हो गया है।
वेदांता के शेयर में 5 फीसदी की तेजी
आज वेदांता के शेयरों में 5 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। मौजूदा समय 2 बजे वेदांता लिमिटिड का शेयर 5.11 फीसदी की तेजी के साथ 239.50 रुपए पर कारोबार कर रहा है। जबकि आज कंपनी के शेयर की शुरुआत 229 रुपए पर हुई थी। शुक्रवार को वेदांता का शेयर 227.85 रुपए पर बंद हुआ था। आपको बता दें कि इस कंपनी के शेयर में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला है। 8 अप्रैल को ही कंपनी का शेयर 244.90 रुपए के साथ 52 हफ्तों की उंचाई पर पहुंच गया था। जिसके बाद लगातार गिरावट देखने को मिल रही थी।
4300 करोड़ रुपए का फायदा
वेदांता के शेयरों में इजाफा आने से वेदांता लिमिटिड के मार्केट कैप में तेजी देखने को मिली है। कंपनी का शेयर प्राइस दिन के उच्च स्तर 239.50 रुपए आने पर कंपनी का मार्केट कैप 89,026.86 करोड़ रुपए पर आ गया है। जबकि शुक्रवार को बाजार बंद होने पर कंपनी का मार्केट कैप 84,696 करोड़ रुपए के आसपास था। यानी कंपनी के मार्केट कैप में 4300 करोड़ रुपए से ज्यादा का इजाफा देखने को मिल चुका है।
क्यों हुआ कंपनी के शेयर में इजाफा
वास्तव में वेदांता लिमिटिड का तमिलनाडु स्थित थुथुकुडी में स्टरलाइट कॉपर प्लांट स्थानीय लोगों के विरोध के कारण बीते दो सालों से ज्यादा समय से बंद पड़ा है। कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालकर कहा था कि यह प्लांट देश में ऑक्सीजन की कमी को पूरा कर सकता है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाब तलब किया था। जिसपर प्रदेश सरकार ने कहा था कि प्लांट को खोला गया तो थुथुकुडी में लॉ एंड ऑर्डर की समस्या पैदा हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार के व्यक्तव्य पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि देश में जहां लोग ऑक्सीजन कमी के कारण मर रहे हैं वहां पर सरकार इस तरह का बयान कैसे दे सकती है। जिसके बाद आज प्रदेश सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। जिसमें सभी दलों ने कंपनी को प्लांट में सिर्फ ऑक्सीजन प्रोडक्शन करने पर सहमति दी है।