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गेहूं का रकबा 330 लाख हेक्टेयर के पार, रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद

रबी फसलों का हो चुका है 641.39 लाख हेक्टेयर का रकबा दलहन फसलों का हो चुका है 157.33 लाख हेक्टेयर का रकबा तिलहन फसलों का रकबा भी पिछले साल से 8,000 हेक्टेयर बढ़ा

2 min read
Jan 18, 2020
Wheat acreage crosses 330 lakh hectares, record production expected

नई दिल्ली। रबी सीजन की सबसे प्रमुख फसल गेहूं की खेती में इस साल देश के किसानों ने काफी दिलचस्पी ली है और गेहूं की बुवाई का रकबा 330 लाख हेक्टेयर के पार चला गया है। मौसमी दशाएं अनुकूल होने और बुवाई के क्षेत्र में विस्तार होने से इस साल गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद की जा रही है। चालू रबी बुवाई सीजन में गेहूं ही नहीं, चना समेत दलहन फसलों के साथ-साथ तिलहनों का रकबा भी पिछले साल के मुकाबले बढ़ गया है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ें
- गेहूं की बुवाई 330.20 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जो पिछले साल की इस अवधि के मुकाबले 33.23 लाख हेक्टेयर यानी 11.18 फीसदी अधिक है।
- सभी रबी फसलों का रकबा 641.39 लाख हेक्टेयर हो चुका है जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान सभी रबी फसलों का कुल रकबा 590.64 लाख हेक्टेयर था।
- इस प्रकार पिछले साल के मुकाबले रबी फसलों का रकबा 50.75 लाख हेक्टेयर यानी 8.59 फीसदी बढ़ गया है।
- दलहन फसल चना का रकबा 105.35 लाख हेक्टेयर हो चुका है जोकि पिछले साल की इसी अवधि के रकबे के मुकाबले 9.91 हेक्टेयर अधिक है।
- सभी दलहन फसलों का रकबा 157.33 लाख हेक्टेयर हो चुका है जोकि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 7.80 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। रबी
- सीजन की तिलहन फसलों का रकबा भी पिछले साल से 8,000 हेक्टेयर बढ़कर 79.25 लाख हेक्टेयर हो गया है।
- सरसों का रकबा पिछले साल से करीब 31,000 हेक्टेयर कम है। सरसों का रकबा अब तक 68.98 लाख हेक्टेयर हुआ है।
- मोटे अनाजों का रकबा पिछले साल के मुकाबले 6.33 लाख हेक्टेयर बढ़कर 53.19 लाख हेक्टेयर हो गया है।

क्या कहते हैं अधिकारी
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तहत आने वाले भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर), करनाल के निदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने आईएएनएस को बताया कि गेहूं की फसल के लिए फिलहाल मौसम अनुकलू है और अगर आगे भी मौसम इसी तरह अनुकूल रहा तो गेहूं के उत्पादन का इस साल फिर नया रिकॉर्ड बन सकता है। आईसीएआर के तहत आने वाले कानपुर स्थित भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक एवं परियोजना संयोजक जीपी दीक्षित ने बताया कि चना समेत अन्य रबी दलहनों की इस बार अच्छी फसल है और खरीफ सीजन में भारी बारिश के कारण दलहन फसलों की पैदावार में कमी से जो उत्पादन कम हुआ है उसकी बहुत हद तक भरपाई रबी दलहनों से हो सकती है। उन्होंने कहा कि चना का उत्पादन फिर रिकॉर्ड स्तर पर जा सकता है।

Published on:
18 Jan 2020 09:53 am
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