वृंदावन नाव हादसे ने कई घरों के चिराग बुझा दिए। चार दिन बाद भी यमुना से मिल रहे शव दर्द बढ़ा रहे हैं। 12 किमी दूर मिले युवक-युवती के शव, मौत का आंकड़ा 15 पहुंच गया है।
मथुरा के वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे के चार दिन बाद भी यमुना नदी में सर्च ऑपरेशन जारी है। सोमवार सुबह दो और शव मिलने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई। ये शव हादसे की जगह से काफी दूर बरामद हुए है। जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रशासन, सेना और रेस्क्यू टीमें लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
वृंदावन में हुए नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। हादसे के चौथे दिन सोमवार सुबह यमुना नदी में दो और शव मिलने से मातम और गहरा गया। एक महिला का शव बंगाली घाट पर मिला। जबकि एक युवक का शव देवरा बाबा आश्रम के पास बरामद हुआ। ये दोनों जगहें हादसे वाली साइट से करीब 12 किलोमीटर दूर हैं। प्रशासन के मुताबिक, नदी में डूबने के बाद शव कुछ दिनों में फूलकर ऊपर आ जाते हैं। जिससे वे बहते हुए दूर तक पहुंच जाते हैं। रेस्क्यू टीम ने रस्सियों की मदद से शवों को नाव तक खींचकर बाहर निकाला। इसके बाद परिजनों ने उनकी पहचान की।
मृतकों में 22 वर्षीय यश भल्ला और लुधियाना की रहने वाली मोनिका टंडन शामिल हैं। यश पहली बार वृंदावन आए थे। और धार्मिक कार्यक्रमों में ढोलक बजाते थे। हादसे से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह नाव में बैठकर भजन के दौरान ढोलक बजाते दिख रहे हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण है, पिता कपड़े बेचते हैं और भाई नौकरी करते हैं।
मोनिका टंडन की शादी अभी छह महीने पहले ही हुई थी। वह अपनी सास के साथ दर्शन करने आई थीं। और जल्द ही पति के पास विदेश जाने की तैयारी कर रही थीं। हादसे के दिन वह अपनी पड़ोसी के साथ नाव में बैठी थीं। जिनकी लाश एक दिन पहले ही मिल चुकी है।
इस हादसे में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि एक श्रद्धालु अभी भी लापता है। उसकी तलाश के लिए करीब 200 लोग दिन-रात जुटे हुए हैं। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें करीब 20 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर 38 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक पलट गई थी। हादसे के बाद पुलिस ने नाविक और पुल के ठेकेदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फिलहाल प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है, जबकि पीड़ित परिवार अपने अपनों के खोने के गम में डूबे हुए हैं।