
संत प्रेमानंद महाराज ने दिया भक्तों को बड़ा संदेश | फोटो सोर्स- patrika.com
Premanand Maharaj Health Update: वृंदावन से इस वक्त एक ऐसी खबर आ रही है जिसने देशभर में मौजूद संत प्रेमानंद महाराज के लाखों भक्तों को चिंता में डाल दिया है। पिछले करीब 10 दिनों से महाराज जी की तबीयत ठीक नहीं है, जिसकी वजह से रात में होने वाली उनकी प्रसिद्ध 'पैदल यात्रा' (पदयात्रा) और आम भक्तों से होने वाला वार्तालाप' पूरी तरह से बंद है।
इस समय महाराज जी सिर्फ अपने कुछ खास शरणागत बृजवासी शिष्यों से ही मुलाकात कर रहे हैं। महाराज जी के दर्शन की आस में हजारों किलोमीटर दूर कोलकाता, राजस्थान, असम और हरियाणा जैसे राज्यों से पहुंचे भक्त मायूस जरूर हैं, लेकिन उनका भरोसा नहीं टूटा है। सभी श्रद्धालु वृंदावन में ही डेरा डाले हुए हैं और राधा-रानी से अपने गुरुदेव के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज की तबीयत फिलहाल स्थिर है और उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है।
आम भक्तों के मन में यह सवाल है कि जब महाराज जी मिल नहीं रहें हैं, तो महाराज जी जिन 'शरणागत बृजवासी शिष्यों' से मिल रहे हैं, वे कौन हैं। दरअसल, यह कोई सरकारी या कानूनी पद नहीं है, बल्कि आश्रम की एक धार्मिक परंपरा है। इसमें शरणागत का मतलब उन भक्तों से है जिन्होंने अपना पूरा जीवन गुरु और राधा-कृष्ण के चरणों में समर्पित कर दिया है। वहीं बृजवासी का मतलब उन शिष्यों से है जो हमेशा के लिए ब्रज क्षेत्र में ही रहने लगे हैं और वहां रहकर साधना, आश्रम की सेवा और नियमों का कड़ाई से पालन करते हैं। क्योंकि ये शिष्य लंबे समय से नियमित सेवा-भजन में लगे रहते हैं, इसलिए महाराज जी इस समय केवल इन्हीं सीमित लोगों के साथ एकांतिक चर्चा कर रहे हैं और आम भक्तों के लिए टोकन काउंटर फिलहाल बंद है।
महाराज जी के दर्शन न होने के बावजूद भक्तों की श्रद्धा और सब्र देखने लायक है। भक्तों ने कहा कि उन्हें यहां आकर पता चला कि महाराज जी की तबीयत खराब है और दर्शन बंद हैं, और वे परिवार के साथ यहीं रुककर इंतजार करेंगी और आशीर्वाद लेकर ही लौटेंगी। इसी तरह बाकी भक्तों ने भी महाराज जी को अपना सब कुछ बताते हुए कहा कि हम बस भगवान से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि हमारे गुरुदेव जल्द से जल्द ठीक हो जाएं।
इस बीच सोमवार को प्रेमानंद महाराज जी का एक बेहद भावुक वीडियो संदेश सामने आया है, जिसने भक्तों की आंखों को नम कर दिया है। वीडियो में महाराज जी ने अपने भक्तों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि आप लोग बिल्कुल चिंता मत करो। हम मिलें या न मिलें, बोलें या न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। आखिरी बात यही है कि किसी को चिंता नहीं करनी है कि हमारा कल्याण कैसे होगा। बिना बोले भी तुम सबके दिमाग और दिल में हम हमेशा रहेंगे।
प्रेमानंद महाराज जी का जीवन किसी चमत्कार से कम नहीं है। साल 2006 में (लगभग 19 साल पहले) कानपुर और दिल्ली में जांच के दौरान पता चला था कि उन्हें पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज नाम की आनुवांशिक बीमारी है और उनकी दोनों किडनियां खराब हैं। डॉक्टरों ने तब उनका जीवन बेहद सीमित बताया था, लेकिन महाराज जी ने अपनी किडनियों का नाम ही 'राधा' और 'कृष्णा' रख दिया और राधा नाम के जाप के बल पर डटे रहें। वर्तमान में वे वृंदावन की श्रीकृष्ण शरणम् सोसाइटी के एक फ्लैट में रहते हैं, जबकि उनके पास स्थित दूसरे फ्लैट में डायलिसिस की पूरी व्यवस्था की गई है। बीमारी के चलते पहले उनकी डायलिसिस कभी-कभार होती थी, लेकिन अब यह हफ्ते में 2 से 3 बार, और कभी-कभी तो हर दिन करनी पड़ती है, जिसमें 4 से 5 घंटे का समय लगता है।
Published on:
26 May 2026 12:17 pm
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