
संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा फिर शुरू | फोटो सोर्स- patrika.com
Premanand Maharaj News: मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के भक्तों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। महाराज जी की तबीयत में सुधार होने के बाद उन्होंने एक बार फिर अपनी 'पदयात्रा' शुरू कर दी है। पिछले 10 दिनों से स्वास्थ्य खराब होने की वजह से उनकी यह यात्रा रोक दी गई थी। जैसे ही महाराज जी आधी रात के बाद केली कुंज आश्रम से बाहर निकले, वहां मौजूद हजारों भक्तों की आंखें खुशी से छलक उठी और पूरा इलाका 'श्री राधे-राधे' के जयकारों से गूंज उठा।
17 मई से महाराज जी की पदयात्रा और एकांतिक मुलाकातें पूरी तरह से बंद थीं, जिससे उनके भक्त काफी चिंतित थे। लेकिन 10 दिन के लंबे इंतजार के बाद, महाराज जी तड़के अपने केली कुंज आश्रम से बाहर आए। वे एनआरआई ग्रीन बिल्डिंग के सामने से होते हुए अपने शिष्यों के साथ लगभग एक किलोमीटर तक पैदल चले। सड़क के दोनों ओर खड़े हजारों श्रद्धालु अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए घंटों से इंतजार कर रहे थे। महाराज जी ने सभी को दर्शन दिए और फिर वापस आश्रम लौट गए।
17 मई को अचानक महाराज जी की तबीयत बिगड़ गई थी। वे रोज की तरह सुबह 3 बजे पदयात्रा पर नहीं निकल पाए थे, जिसके बाद शिष्यों ने लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर भक्तों को इसकी जानकारी दी थी। वहीं प्रेमानंद जी महाराज की दोनों किडनियां खराब हैं और हफ्ते में 2 से 3 बार उनकी डायलिसिस होती है। गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद महाराज जी का भक्तों के प्रति स्नेह कम नहीं होता, जो इस बार भी देखने को मिला।
आम दिनों में महाराज जी के दर्शन के लिए रोज करीब 20 हजार लोग पहुंचते हैं, जबकि वीकेंड या त्योहार के अवसर पर यह संख्या लाखों में बदल जाती है। सामान्य दिनों में महाराज जी सुबह 3 बजे श्रीराधा केली कुंज आश्रम से निकलकर करीब डेढ़ किलोमीटर दूर सुनरख खादर स्थित 'सौभरी वन' तक जाते थे। वहां बने कुंड के पास बैठकर वे भक्तों को दर्शन देते थे और फिर आश्रम आकर सत्संग करते थे।
पदयात्रा बंद होने के बीच 24 मई को केली कुंज आश्रम ट्रस्ट के यूट्यूब चैनल पर महाराज जी का एक बेहद भावुक वीडियो जारी किया गया था। इस संदेश में उन्होंने अपने शिष्यों से कहा था कि बिल्कुल चिंता मत करो। हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। बिना बोले भी तुम्हारे दिमाग में हम होंगे। आप बिल्कुल निश्चिंत और निर्भय होकर बस नाम जप (भजन) करो। हमारा जब मन होगा, हम खुद बोल देंगे। महाराज जी की पदयात्रा फिर से शुरू होने के बाद अब देश-विदेश में बैठे उनके शिष्यों ने बड़ी राहत की सांस ली है और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए लगातार प्रार्थनाएं की जा रही हैं।
Updated on:
28 May 2026, 3:43 PM IST
Published on:
28 May 2026, 3:43 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.