
मथुरा। साफ और स्वच्छ छवि रखने वाली तेज तर्रार आईएएस बी चंद्रकला एक बार फिर चर्चा में है। ये चर्चा शुरू हुई जब लखनऊ स्थित उनके आवास पर सीबीआई ने छापा मारा। 2014 में बी चंद्रकला मथुरा जिले में भी तैनात रहीं। सूत्रों की मानें तो मथुरा से भी जानकारी मांग गई है। उधर आईएएस पर इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। फ्रेंड फॉलोइंग में अच्छे अच्छे लोगों को पछाड़ने वाली आईएएस को 'लेडी सिंघम' के रूप में पहचान मथुरा से मिली। यहां उनके कड़क मिजाज से भ्रष्टाचारियों में खलबली मची रही थी।
2014 में रहीं मथुरा
आईएएस अफसर बी चंद्रकला 8 जून 2014 में डीएम मथुरा का चार्ज संभाला था और 14 अक्तूबर को चलीं गईं थीं। सीबीआई उनकी संपत्ति का ब्यौरा तलाश रही है, सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने मथुरा से भी जानकारी मांगी है। उधर आईपीएस अधिकारी बी चंद्रकला के आवास पर हुई छापामारी की कार्रवाई अफसरों के बीच पूरे दिन चर्चा बनी रही।
जवाहरबाग हिंसा के दौरान आई चर्चा में
जवाहरबाग पर कथित सत्याग्रही रामवृक्ष यादव ने कब्जा कर रखा था। जवाहरबाग खाली कराने के दौरान हिंसा के दौरान एक डीएसपी और एक इंस्पेक्टर की जान चली गई। प्रदेश की राजनीति में जवाहरूाग हिंसा बड़ा मुद्दा बना। कहीं न कहीं सत्तापक्ष पर जवाहरबाग हिंसा के मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव को संरक्षण देने का आरोप भी लगा।