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‘IIT से इंजीनियरिंग, 21 लाख का पैकेज’ अभिषेक मिश्रा ने भक्ति के पथ से चुना जुर्म का रास्ता, मथुरा के ढोंगी बाबा केस में एक और खुलासा

Iitian Abhishek Mishra Case Update: अभिषेक मिश्रा ने भक्ति के पथ से जुर्म का रास्ता चुना। मथुरा के ढोंगी बाबा केस में एक और खुलासा हुआ है।

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iitian abhishek mishra chose crime over devotion another revelation in mathura fake baba case

आईआईटीयन अभिषेक मिश्रा केस अपडेट। फोटो सोर्स-X (@cameraman_r)

Iitian Abhishek Mishra Case Update: धर्म और अध्यात्म की भूमि ब्रज में लोग आत्मिक शांति और भक्ति की तलाश में आते हैं, लेकिन ओडिशा के रहने वाले आईआईटीयन अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास ने कथित तौर पर भक्ति की आड़ में ऐसा जाल बुना, जिसने सभी को चौंका दिया। आरोप है कि उसने राधाकुंड स्थित आश्रम में युवतियों को अपने प्रभाव में लेकर उनका शोषण किया और गंधर्व विवाह के नाम पर उन्हें भ्रमित करता रहा। मामले का खुलासा एक पीड़िता की शिकायत के बाद हुआ।

IIT रुड़की से इंजीनियरिंग, फिर मुंबई में मिली शानदार नौकरी

अभिषेक मिश्रा मूल रूप से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के खंडगिरी थाना क्षेत्र स्थित आईगिनिया अपार्टमेंट का निवासी है। उसने वर्ष 2021 में IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी।

उच्च शिक्षा के बाद उसे मुंबई की एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी मिली, जहां वह करीब 21 लाख रुपये सालाना पैकेज पर कार्यरत था। उसके करियर को देखकर परिवार और परिचित उसके उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद कर रहे थे।

मां के राधाकुंड आने के बाद अध्यात्म की ओर बढ़ा झुकाव

अभिषेक की मां एक सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापिका थीं। सेवानिवृत्ति के बाद वर्ष 2022 में वह भक्ति और साधना के उद्देश्य से मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र में रहने लगीं। इसी दौरान अभिषेक भी समय-समय पर अपनी मां से मिलने राधाकुंड आता रहा। धीरे-धीरे उसका झुकाव भी अध्यात्म और धार्मिक गतिविधियों की ओर बढ़ने लगा। शुरुआत में यह बदलाव सामान्य माना गया, लेकिन समय के साथ उसका जीवन पूरी तरह बदल गया।

मोटी तनख्वाह छोड़कर हमेशा के लिए पहुंच गया राधाकुंड

करीब एक वर्ष तक मुंबई में नौकरी करने के बाद अभिषेक ने अपना कॉर्पोरेट करियर छोड़ने का फैसला किया। उसने लाखों रुपये के सालाना पैकेज वाली नौकरी से इस्तीफा दिया और स्थायी रूप से राधाकुंड आकर रहने लगा। बताया जाता है कि यहां आने के बाद उसने खुद को पूरी तरह धार्मिक गतिविधियों और आश्रम जीवन से जोड़ लिया। इसी दौरान उसने आदिकर्ता नारायण दास नाम से अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी।

मुंबई की सहकर्मी युवती भी पहुंची राधाकुंड

अभिषेक के राधाकुंड आने के कुछ समय बाद मुंबई में उसके साथ काम करने वाली एक युवती भी वहां पहुंच गई। युवती के आश्रम में रहने और लगातार संपर्क में रहने को लेकर परिवार में विवाद की स्थिति पैदा हो गई। सूत्रों के मुताबिक अभिषेक की मां ने युवती के वहां आने और रहने पर आपत्ति जताई थी, जिसके चलते परिवार के भीतर तनाव बढ़ गया। हालांकि बाद में घटनाक्रम ने और गंभीर रूप ले लिया।

पीड़िता की शिकायत के बाद खुली परतें

मामले में नया मोड़ तब आया जब एक युवती ने अभिषेक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया। अब पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर आश्रम और आध्यात्मिक गतिविधियों की आड़ में किस प्रकार युवतियों को प्रभावित किया गया।

जांच के बाद सामने आएंगे और तथ्य

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल यह मामला ब्रज क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और जांच के आगे बढ़ने के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।