मथुरा

जानिए ऐसा क्या हु​आ कि शिवपाल को छोड़कर मुलायम पहुंच गए अखिलेश के खेमे में

समाजवादी पार्टी प्रवक्ता का कहना नेता जी हमारे साथ हैं। सपा इस बार उनके मार्गदर्शन में ही चुनाव लड़ेगी।

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Sep 25, 2018
Why Mulayam and Akhilesh came in party office at same time

मथुरा। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का अखिलेश यादव से कोई मतभेद नहीं है। दोनों के बीच विवाद की अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। इस बार समाजवादी पार्टी नेता जी के निर्देशन में चुनाव लड़ेगी। आने वाले लोकसभा चुनाव में नेताजी ही सपा के लिए अधिकांश सीटों पर प्रचार करेंगे। वहीं शिवपाल सिंह यादव के सेक्युलर मोर्चे का हाल बिल्कुल वैसा होगा, जैसा अमर सिंह का हुआ था। ये बातें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और एमएलसी संजय लाठर ने हाल ही मथुरा में कही थीं, जब वे साइकिल यात्रा लेकर मथुरा पहुंचे थे।

रैली में शामिल होने से पहले अखिलेश की ताकत को परखा
दरअसल जब से शिवपाल यादव ने सेक्युलर मोर्चा बनाया है तब से समाजवादी पार्टी में खलबली मच गई थी। दोनों ओर से नेताजी की खींचतान की जा रही थी। जनता भी समझ नहीं पा रही थी कि मुलायम बेटे का साथ देंगे या भाई का, क्योंकि दोनों ही नेता जी का आशीर्वाद अपने साथ होने का दावा कर रहे थे। संजय लाठर के मुताबिक नेताजी ने कुछ समय पहले कहा था कि अखिलेश जो साइकिल रैली निकाल रहे हैं, वे पहले प्रदेश में उसका मैसेज देखना चाहते हैं। उसके बाद ही कुछ निर्णय लेंगे। साइकिल रैली के दौरान नेताजी ने अपने समर्थकों से रैली का फीडबैक लेना शुरू किया था। इसके लिए मथुरा में पार्टी के तीन नेताओं को लगाया गया था। फीडबैक से संतुष्ट होकर वे जंतर मंतर पहुंचे और पार्टी के नेताओं को बधाई दी। साथ ही कहा कि वे बहुत खुश हैं।

नेताजी का आशीर्वाद सपा के साथ
संजय लाठर के मुताबिक अब नेता जी का पूरा आशीर्वाद सपा के साथ है। पिता और बेटे के बीच रिश्तों में कोई खटास नहीं है। आज भी अखिलेश यादव हर सीट पर नेता जी से सलाह लेते हैं। देश की जनता भाजपा से नाराज है और भाजपा को रोकने का दम सपा के पास है। इस बार सपा नेताजी के मार्गदर्शन में ही चुनाव लड़ेगी।

Published on:
25 Sept 2018 10:42 am
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