मथुरा

कृष्ण जन्मभूमि मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट से हिन्दू पक्ष को बड़ा झटका, शाही मस्जिद की जमीन देने की याचिका खारिज

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मथुरा की ईदगाह मस्जिद को 'हटाने' और इसे कृष्ण जन्मभूमि के रूप में मान्यता देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है।
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Oct 11, 2023
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मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर हाईकोर्ट ने शाही मस्जिद की पूरी जमीन देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद स्थल को कृष्ण जन्म भूमि के रूप में मान्यता देने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने पिछले महीने मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसी मामले पर हाईकोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाया है।

साल 2020 में वकील महक माहेश्वरी ने याचिका दायर की गई थी। जिसमें दलील दी गई कि ये स्थल वास्तव में कृष्ण जन्मभूमि है। इसका प्रमाण विभिन्न ऐतिहासिक ग्रंथों में दर्ज है। यहां तक कि मथुरा का इतिहास रामायण काल से भी पहले का है और इस्लाम सिर्फ 1500 साल पहले आया है।

याचिका में यह भी दलील दी गई कि इस्लामिक न्यायशास्त्र के अनुसार यह एक उचित मस्जिद नहीं है। अधिग्रहित जमीन पर मस्जिद नहीं बनाई जा सकती। हिंदू न्यायशास्त्र के अनुसार, एक मंदिर है, भले ही वह खंडहर हो। इसलिए मंदिर की जमीन हिंदुओं को सौंप दी जाए और उस जमीन पर मंदिर बनाने के लिए कृष्ण जन्मभूमि जन्मस्थान के लिए एक उचित ट्रस्ट बनाया जाए।

कथित तौर पर कृष्ण जन्म स्थान पर बनी विवादित संरचना की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा अदालत की निगरानी में जीपीआरएस-आधारित खुदाई के लिए एक अतिरिक्त प्रार्थना की गई।

Updated on:
11 Oct 2023 05:25 pm
Published on:
11 Oct 2023 05:24 pm