मथुरा

महाशिवरात्रि 2019: दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर जहां गोपी के रूप में होती है महादेव की पूजा, किया जाता है सोलह श्रंगार

वृंदावन के गोपेश्वर मंदिर में शिवरात्रि के दिन भोलेनाथ के गोपी रूप का विशेष पूजन व सोलह श्रंगार किया जाता है।

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Mar 04, 2019
shivratri

मथुरा। महाशिवरात्रि पर हर जगह शिव की गूंज है। सभी मंदिरों में भोलेनाथ की शिवलिंग का विशेष पूजन व अर्चन किया जा रहा है। लेकिन मथुरा के वृंदावन के गोपेश्वर मंदिर में शिवरात्रि के दिन भोलेनाथ के गोपी रूप का विशेष पूजन व सोलह श्रंगार किया जाता है। ये विश्व का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां महादेव गोपी रूप में विराजमान हैं। गोपी रूप में विराजमान गोपेश्वर महादेव का सोलह श्रृंगार देखने देश-दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु-आते हैं।

ये है मान्यता
महादेव के गोपी रूप को लेकर मान्यता है कि द्वापरयुग में भगवान श्रीकृष्ण ने जब गोपियों के साथ महारास किया था तो इस मनोहारी दृश्य को देखने के लिए 33 कोटि देवता आए थे, लेकिन उन्हें महारास में शामिल नहीं होने दिया गया। इसका कारण था कि महारास में केवल महिलाएं ही शामिल हो सकती थीं। लिहाजा सभी देवताओं को वहां से वापस लौटना पड़ा। लेकिन भगवान शंकर नहीं लौटे। जिसके बाद पार्वती ने उन्हें यमुना महारानी के पास भेज दिया। यमुना ने भोले भंडारी को गोपी का रूप धारण कराया। इसके बाद महादेव ने गोपी रूप में वहां महारास किया। गोपी रूप में सजे महादेव को भगवान श्रीकृष्ण ने पहचान लिया। महारास के बाद भगवान कृष्ण ने स्वयं शंकर भगवान की पूजा की और राधा जी ने वरदान दिया कि आज के बाद उनका गोपेश्वर रूप यहां गोपी के रूप में पूजा जाएगा। तब से लेकर आज तक यहां लोग शिव को गोपी के रूप में पूजते हैं। महाशिवरात्रि के दिन यहां गोपेश्वर महादेव का सोलह श्रृंगार किया जाता है।

Published on:
04 Mar 2019 02:42 pm
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