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मथुरा में दुर्घटना के बाद नाव के संचालन की तैयारी: डीएम की घोषणा- जल पुलिस की होगी तैनाती

Mathura boat accident: मथुरा में यमुना नदी में नाव हादसे के बाद संचालन रोक दिया गया था। अब नगर निगम एक बार फिर 9 संचालन की तैयारी कर रही है। सभी नावों का रजिस्ट्रेशन किया गया। डीएम और एसपी ने नौका विहार कर मौके का निरीक्षण किया।

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डीएम और एसपी ने नौका विहार किया, फोटो सोर्स- X Mathura DM

फोटो सोर्स- X Mathura DM

After the Yamuna boat accident in Mathura, the administration set standards: मथुरा के यमुना नदी में नाव दुर्घटना के बाद नाव संचालन रोक दिया गया था। एक बार फिर नाव के संचालन की व्यवस्था की जा रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर निगम ने नाविक रजिस्ट्रेशन कैंप लगाकर नाविकों को रजिस्ट्रेशन कर प्रमाण पत्र का वितरण किया। इस मौके पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौजूद थे। कैंप में नाविकों को जानकारी दी गई कि सभी को जीवन रक्षक जैकेट पहनना अनिवार्य है, जिनमें नाविक और श्रद्धालु दोनों शामिल हैं। जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक के साथ मिलकर नौका विहार के माध्यम से केशी घाट से चीर घाट तक का निरीक्षण किया और मौके की स्थिति का जायजा लिया।

नगर निगम ने किया नाविकों का रजिस्ट्रेशन

उत्तर प्रदेश के मथुरा में आज से यमुना नदी में नाव का संचालन फिर से शुरू करने की व्यवस्था की जा रही है। इस संबंध में केशी घाट पर नगर निगम की तरफ से नाविक रजिस्ट्रेशन कैंप लगाया गया, जिसमें नागरिकों को लाइसेंस प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। इस मौके पर सभी नाविकों को बताया गया कि श्रद्धालुओं के साथ नाव चलाने वालों को भी जीवन रक्षक जैकेट पहनना अनिवार्य है। नाव में बैठने के लिए श्रद्धालुओं की संख्या भी निश्चित की गई। ‌‌

नाविकों की तरफ से बड़ी हुई फीस का किया गया था विरोध

नगर निगम की तरफ से बढ़ी हुई फीस का विरोध किया गया था, जिसके बाद प्रशासन और नाविकों के बीच सहमति से रजिस्ट्रेशन की फीस घटा दी गई। अब 5 हजार रुपए से घटकर डेढ़ हजार रुपए कर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने एसपी के साथ किया नौका विहार

जिलाधिकारी ने बताया कि नगर निगम की तरफ से जितने भी नाव है उनका रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। सभी नाव वालों को मानक के अनुरूप नाव चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही नियमित पेट्रोलिंग कराए जाने का भी निर्णय किया गया है। सभी घाटों पर मोबाइल पार्टी भी मौजूद रहेगी। जल पुलिस को भी लगाने की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही यह सुविधा मिलने लगेगी।

दुर्घटना के बाद रोक दिया गया था नाव संचालन

दरअसल मथुरा के वृंदावन में बड़ी नाव दुर्घटना हुई थी, जिसमें करीब 16 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। मृतकों में अधिकांश पंजाब और हरियाणा के रहने वाले थे। हादसे का कारण क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं का बैठा होना और पांटून पुल (अस्थाई पुल) से नाव का टकराना है, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। इसके बाद से नाव का संचालन रोक दिया गया था। अब एक बार फिर नई गाइडलाइन के साथ नाव के संचालन की तैयारी हो रही है, जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या भी निश्चित की गई है।