मथुरा

‘राधा-राधा रटते हुए बढ़ रहे थे, 4 बार कहा- रूको लेकिन वह नहीं माना’, आंखों देखा हाल बताते हुए फफक उठा चश्मदीद

Mathura Boat Accident Update: आंखों देखा हाल बताते हुए चश्मदीद फफक उठा। उसने बताया कि राधे-राधे जपते हुए आगे बढ़ रहे थे। पलभर में हादसा हो गया।
2 min read
• •
Updated: 11 Apr 2026, 10:49 AM IST
mathura boat accident update go with chanting radhe radhe an eyewitness recounted incident
मथुरा हादसा अपडेट:आंखों देखा हाल बताते हुए फफक उठे चश्मदीद। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Mathura Boat Accident Update: उत्तर प्रदेश के मथुरा (Mathura) में शुक्रवार को दर्दनाक नाव हादसा हुआ। हादसे में स्टीमर (नाव) पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। वहीं नाव हादसे के बाद चश्मदीद ने पूरा आंखों देखा हाल बताया।

प्रत्यक्षदर्शी ने बयां किया खौफनाक मंजर

हादसे में बचे लुधियाना निवासी तनिश ने उस भयावह पल को फफक-फफक कर याद करते हुए बताया कि नाव में सवार सभी लोग खुशी-खुशी कीर्तन कर रहे थे, राधा-राधा रट रहे थे। अचानक नाव तेज रफ्तार से पुल की ओर बढ़ने लगी। उन्होंने कई बार नाविक को सावधान किया, लेकिन उसने उनकी बात अनसुनी कर दी। तनिश के अनुसार, “हमने चार बार नाविक से कहा कि नाव रोक लो, लेकिन वह नहीं माना। कुछ ही पलों में नाव पुल के पास पहुंची और एंकर यानि लंगर में टकराकर पलट गई। इसके बाद चारों ओर चीख-पुकार मच गई।”

ज्यादा सवारी बनी हादसे की वजह?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे। बीच रास्ते में नाव के हिलने पर कुछ यात्रियों ने नाविक को चेताया भी था कि सवारियों की संख्या कम की जाए। हालांकि, नाविक ने इसे नजरअंदाज कर दिया और आगे बढ़ता रहा, जिससे बड़ा हादसा हो गया।

पांटून पुल से टकराने के बाद पलटी नाव

जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट पांटून (पीपे) के पुल के एंकर में उलझ गई। इसके बाद नाव पुल से टकराई और अचानक पलट गई। यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकंड में हुआ, जिससे लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला।

हादसे के बाद बहता रहा पीपे का पुल

हादसे के बाद स्थिति और भी जटिल हो गई, जब लगभग 25 पीपों का पुल यमुना नदी में बहने लगा। इसे रोकने के लिए काफी प्रयास किए गए, लेकिन तत्काल सफलता नहीं मिल सकी। पुल के बहने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी बाधाएं आईं।

रेस्क्यू में आईं चुनौतियां

यमुना नदी में चल रहे विकास कार्यों के चलते भी बचाव कार्य प्रभावित हुआ। सिंचाई विभाग द्वारा रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए ड्रेजिंग मशीन लगाई गई थी, जिससे नदी का बहाव और परिस्थितियां जटिल हो गईं। इसके बावजूद राहत टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

प्रशासन अलर्ट, जांच के आदेश

प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। हादसे के कारणों की गहराई से पड़ताल की जा रही है, जिसमें नाव की क्षमता, सुरक्षा इंतजाम और नाविक की लापरवाही जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

शोक में डूबा क्षेत्र

इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है।

Updated on:
11 Apr 2026, 10:49 AM IST
Published on:
Also Read
View All
Mathura News: RSS के शताब्दी वर्ष का समापन, गोवर्धन में हजारों स्वयंसेवकों ने निकाली 12 किलोमीटर भव्य यात्रा

कौन हैं मीरा राठौर? मुस्कान और रविता को फांसी देने के लिए जल्लाद बनने की जताइ इच्छा, DM को सौंपा प्रार्थना पत्र

‘अमेरिका से आए तिलचट्टे दिल्ली में फैलारहे हैं अराजकता’, हिमाचल प्रभारी श्रीकांत शर्मा का विपक्ष पर करारा हमला; SIR विवाद पर खोली पोल

नीला ड्रम केस: फांसी की सजा के बाद मुस्कान ने उठाया अगला कदम, जेल अधीक्षक से मांगी कानूनी मदद

‘कसाब भी हाथ में कलावा बांधकर घुसा था’, मतदाता सूची से फर्जी नाम कटने पर भड़के श्रीकांत शर्मा, राहुल गांधी पर बोला तीखा हमला