Mathura Boat Accident Update: आंखों देखा हाल बताते हुए चश्मदीद फफक उठा। उसने बताया कि राधे-राधे जपते हुए आगे बढ़ रहे थे। पलभर में हादसा हो गया।
Mathura Boat Accident Update: उत्तर प्रदेश के मथुरा (Mathura) में शुक्रवार को दर्दनाक नाव हादसा हुआ। हादसे में स्टीमर (नाव) पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। वहीं नाव हादसे के बाद चश्मदीद ने पूरा आंखों देखा हाल बताया।
हादसे में बचे लुधियाना निवासी तनिश ने उस भयावह पल को फफक-फफक कर याद करते हुए बताया कि नाव में सवार सभी लोग खुशी-खुशी कीर्तन कर रहे थे, राधा-राधा रट रहे थे। अचानक नाव तेज रफ्तार से पुल की ओर बढ़ने लगी। उन्होंने कई बार नाविक को सावधान किया, लेकिन उसने उनकी बात अनसुनी कर दी। तनिश के अनुसार, “हमने चार बार नाविक से कहा कि नाव रोक लो, लेकिन वह नहीं माना। कुछ ही पलों में नाव पुल के पास पहुंची और एंकर यानि लंगर में टकराकर पलट गई। इसके बाद चारों ओर चीख-पुकार मच गई।”
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे। बीच रास्ते में नाव के हिलने पर कुछ यात्रियों ने नाविक को चेताया भी था कि सवारियों की संख्या कम की जाए। हालांकि, नाविक ने इसे नजरअंदाज कर दिया और आगे बढ़ता रहा, जिससे बड़ा हादसा हो गया।
जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट पांटून (पीपे) के पुल के एंकर में उलझ गई। इसके बाद नाव पुल से टकराई और अचानक पलट गई। यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकंड में हुआ, जिससे लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
हादसे के बाद स्थिति और भी जटिल हो गई, जब लगभग 25 पीपों का पुल यमुना नदी में बहने लगा। इसे रोकने के लिए काफी प्रयास किए गए, लेकिन तत्काल सफलता नहीं मिल सकी। पुल के बहने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी बाधाएं आईं।
यमुना नदी में चल रहे विकास कार्यों के चलते भी बचाव कार्य प्रभावित हुआ। सिंचाई विभाग द्वारा रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए ड्रेजिंग मशीन लगाई गई थी, जिससे नदी का बहाव और परिस्थितियां जटिल हो गईं। इसके बावजूद राहत टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। हादसे के कारणों की गहराई से पड़ताल की जा रही है, जिसमें नाव की क्षमता, सुरक्षा इंतजाम और नाविक की लापरवाही जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है।