Mathura News: मथुरा के वार्ड 3 स्थित नौगांव में श्मशान घाट पर टिन शेड न होने के कारण बारिश में अंतिम संस्कार रोकना पड़ा। ग्रामीणों को ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे छिपकर खुद को बचाना पड़ा। जनप्रतिनिधियों और नगर निगम की अनदेखी से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
मथुरा : मथुरा में विकास कार्यों की पोल खोलती एक ऐसी तस्वीर सांमने आई है जिसने सभी को हिला कर रख दिया है। सौंख रोड स्थित वार्ड 3 के गांव नौगांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण एक परिवार को अपने परिजन के अंतिम संस्कार के दौरान भारी जद्दोजहद की स्थिति का सामना करना पड़ा।
मथुरा के गांव नौगांव में एक महिला की मृत्यु होने के बाद परिजनों शव यात्रा को शमशान घाट लेकर पहुंचे। शमशान में अंतिम संस्कार की सभी क्रिया करने के बाद मुखाग्नि दी गई। उसके बाद ही तेज बारिश हो गई। परिजन आग को बुझने से बचाने के प्रयास में लगे रहे वही कई बार आग बुझ गई जिसे फिर से जलाया गया। तेज बारिश होने के कारण अंतिम संस्कार में आए लोग ट्रेक्टर ट्रॉली के नीचे जाकर छुप गए जिससे भीगने से बचा जा सके। बारिश के कारण अंतिम संस्कार प्रक्रिया को बीच में रोकना पड़ा।
अंतिम संस्कार के दौरान आई बारिश ने नगर निगम जिला प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी। जहां सरकार विकास कार्यों के दावे कर रही है। वहीं मूलभूत सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मथुरा वृंदावन नगर निगम अधिकारियों को अवगत कराया गया है लेकिन कोई अधिकारी सुनने वाला नहीं। अगर श्मशान स्थल में टिन शेड लग जाए अंतिम संस्कार में ऐसी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
गांव वालों ने प्रशासन से अपील की है कि श्मशान घाट में टिन शेड लगाया जाए। जिससे कि इस तरह की असुविधा से बचा जा सके। अंतिम संस्कार के दौरान ऐसी समस्या न हो इसके लिए प्रशासन काम करे।
मथुरा में सांसद हेमा मालिनी हैं। भाजपा के 5 विधायक, 2 एमएलसी, कैबिनेट मंत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष, मथुरा वृंदावन मेयर से लेकर चेयरमैन और ब्लॉक प्रमुख तक भाजपा के हैं। लेकिन, स्थिति यह है किसी भी जनप्रतिनिधियों को जनता के मूल मुद्दों से कोई सरोकार नही दिखता। चुनावों के दौरान बड़ी बातें करने वाले नेता चुनाव जीतने के बाद जनता से अपना मुंह मोड़ लेते हैं।