मथुरा

अब नहीं होगी रात 3 बजे संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा, आश्रम ने जारी की सूचना, जानें क्या है वजह?

संत प्रेमानंद महाराज की केली कुंज आश्रम से सौभरी कुंड तक होने वाली पदयात्रा, एकांतिक वार्तालाप और दर्शन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए हैं।
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May 18, 2026
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वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा फिर रुकी | Image Source - 'FB' @bhajanmargofficial11

Premanand Maharaj News: प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा एक बार फिर रोक दी गई है। साथ ही उनके एकांतिक वार्तालाप और दर्शन भी अनिश्चितकाल तक स्थगित कर दिए गए हैं। केली कुंज आश्रम की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि यह फैसला आने वाले अधिक मास में होने वाली भीड़ को देखते हुए लिया गया है।

पदयात्रा कहाँ तक होती थी?

संत प्रेमानंद महाराज इन दिनों केली कुंज आश्रम से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित सौभरी वन (सौभरी कुंड) तक पदयात्रा कर रहे थे। यह यात्रा रात तीन बजे शुरू होती थी। भक्तों की भारी भीड़ इस यात्रा में शामिल होने के लिए आश्रम पहुंच रही थी। हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए इंतजार करते थे।

शनिवार को हुई भारी भीड़

शनिवार को स्थिति काफी गंभीर हो गई। आश्रम से लेकर सौभरी वन तक इतनी भीड़ जुट गई कि पैर रखने की जगह नहीं बची। सेवादारों को बहुत मुश्किल से महाराज की पदयात्रा पूरी करानी पड़ी। भक्तों का उत्साह देखते हुए व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बन गया था।

आश्रम का पोस्टर जारी

केली कुंज आश्रम की तरफ से कोई लिखित बयान जारी नहीं किया गया। लेकिन एक पोस्टर सामने आया है जिसमें साफ लिखा है कि श्री हरिवंश, सूचना आप सभी को सूचित किया जाता है कि पूज्य महाराज श्री की आज्ञा अनुसार प्रातः सौभरी कुंड तक होने वाली पदयात्रा, एकांतिक वार्तालाप और एकांतिक दर्शन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए हैं। कृपया इस सूचना को सहर्ष स्वीकार करें।

स्थगित करने का मुख्य कारण

हालांकि आश्रम ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन माना जा रहा है कि यह फैसला अधिक मास को ध्यान में रखकर लिया गया है। हिंदू कैलेंडर में अधिक मास में तीर्थों और धार्मिक स्थानों पर श्रद्धालुओं की बहुत बड़ी संख्या आती है। इस दौरान परिक्रमा करने वाले भक्तों की भीड़ और बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में कोई अनहोनी घटना या अव्यवस्था न हो, इसलिए महाराज की पदयात्रा को टाल दिया गया है। इससे आश्रम और भक्तों दोनों की सुरक्षा और सुविधा बनी रहेगी।

भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों में इस खबर से निराशा है, लेकिन वे महाराज की आज्ञा का सम्मान कर रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं कि जब महाराज फिर से यात्रा शुरू करेंगे तो वे और उत्साह के साथ शामिल होंगे। संत प्रेमानंद महाराज अपने भक्तों की भलाई और सुव्यवस्था को हमेशा प्राथमिकता देते हैं। अधिक मास में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यह फैसला समझदारी भरा माना जा रहा है। भक्तों को सलाह दी गई है कि वे सूचना का सम्मान करें और शांति बनाए रखें। जैसे ही आश्रम नई तारीख की घोषणा करेगा, भक्तों को सूचित कर दिया जाएगा।

Updated on:
18 May 2026 07:38 am
Published on:
18 May 2026 07:38 am