उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने परिवार के साथ वृंदावन पहुंचे, भगवान बांके बिहारी के चरणों में शीश झुका कर आशीर्वाद लिया।
मथुरा। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को अपने परिवार के साथ वृंदावन पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोशीला स्वागत किया। कार्यकर्ताओं के स्वागत के बाद अखिलेश यादव वीआईपी पार्किंग से होते हुए बिहारी जी मंदिर पहुंचे, भगवान बांके बिहारी के समक्ष अपना सिर झुका कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अखिलेश यादव के साथ उनकी पत्नी डिंपल यादव और बेटियां भी मौजूद थीं करीब 20 मिनट तक अखिलेश यादव बांके बिहारी मंदिर में रहे और भगवान को हाथ जोड़कर एक टक लगाकर निहारते रहे। सेवायतों ने उन्हें प्रसादी भेंट की।
बांके बिहारी दर्शन करने के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए इशारों इशारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि परिवार के साथ आया हूं मैं तो यही चाहता हूं कि सभी लोग परिवार के साथ आएं। अकेले न आएं और लोगों से भी कहो कि वह अपने परिवार के साथ आएं।
रिश्वत का आरोप एक दिन में ख़त्म
बंगला खाली करने के मुददे पर मुद्दे पर अखिलेश ने अधिकारियों पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा कि अधिकारी जान लें सरकारें आती जाती रहती हैं। हमने बहुत से अधिकारियों को कप प्लेट उठाते देखा है। वहीं चीफ सेक्रेटरी पर लगे आरोपों पर बोलते हुए कहा कि उसकी जांच चीफ सेक्रेटरी नहीं कर सकते, मामला एक ही दिन में कैसे खत्म हो गया। कमाल की सरकार है भाजपा, भ्रष्टाचार का मामला एक दिन में खत्म कर देते हैं। अखिलेश ने कहा कि हमारे बंगले में जाना चाहिए और वहां की एक एक चीज दिखानी चाहिए। मैं सरकार से यह कहूंगा कि वह मुझे बताएं कि उनका कौन सा सामान टूट गया है कौन सा सामान चला गया है, उसका हर्जाना देने के लिए तैयार हूं।
बदनाम करना अगर सीखना है तो बीजेपी से सीखें
अखिलेश ने का कहा कि किसी को बदनाम करना अगर सीखना है तो बीजेपी से सीखें। बीजेपी वाले बहुत होशियार हैं लेकिन ऊपरवाला देख रहा है। जनता भी देख रही है सब। उनको सजा मिलने वाली है। अखिलेश ने कहा कि जो काम समाजवादियों ने शुरू किए थे वृंदावन मथुरा बरसाना में और गोवर्धन में मुझे भरोसा है कि यह सरकार उन कामों को आगे ले जाएगी। जहां तक सवाल मथुरा वृंदावन बरसाना गोवर्धन का है हम यह चाहते हैं कि यह वर्ल्ड क्लास बने। जो श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं उन्हें तकलीफ और परेशानियों का सामना न करना पड़े।