मथुरा

इन लक्षणों से जानें शनि दोष और आसान है उसका निवारण

अगर किसी इंसान को शनि देव की कृपा नहीं मिल रही है तो, काले घोड़े की नाल या नाव की कील से अंगूठी बनाकर अपनी मध्यमा उंगली में शनिवार के दिन सूर्यास्त के समय धारण करें।

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Dec 01, 2018
shani
Shani Dev

आगरा। शनि यदि प्रसन्न हों तो व्यक्ति की सफलता का मुकाम बहुत उंचा हो जाता है। वहीं शनि की दृष्टि यदि जरा सी भी टेड़ी हो जाए तो पल भर में राजा रंक बन जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक शुक्ल बता रहे हैं शनिदोष और उसके निवारण की जानकारी।

शनि दोष
ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक शुक्ला का मानना है कि यदि शरीर में हमेशा थकान व आलसभरा लगने लगे।
2. नहाने-धोने से अरुचि होने लगे या नहाने का वक्त ही न मिले।
3. नए कपड़े खरीदने या पहनने का मौका न मिले।
4. नए कपड़े व जूते जल्दी-जल्दी फटने लगें।
5. घर में तेल, राई, दालें फैलने लगे या नुकसान होने लगे।
6. अलमारी हमेशा अव्यवस्‍िथत रहने लगे।
7. भोजन से बिना कारण अरु‍चि होने लगे।
8. सिर व पिंडलियों में, कमर में दर्द बना रहे।
9. परिवार में पिता से अनबन होने लगे।
10. पढ़ने-लिखने से, लोगों से मिलने से उकताहट होने लगे, चिड़चिड़ाहट होने लगे। तो शनि दोष इसका विशेष कारण माना जाता है।

शुभ दशा देती है प्रगति
शनि की स्थिति यदि शुभ है तो व्यक्ति हर क्षेत्र में प्रगति करता है। उसके जीवन में किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होता। बाल और नाखून मजबूत होते हैं। ऐसा व्यक्ति न्यायप्रिय होता है और समाज में मान-सम्मान खूब रहता है। शनि के अशुभ प्रभाव के कारण मकान या मकान का हिस्सा गिर जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, नहीं तो कर्ज या लड़ाई-झगड़े के कारण मकान बिक जाता है। अंगों के बाल तेजी से झड़ जाते हैं। अचानक आग लग सकती है। धन, संपत्ति का किसी भी तरह नाश होता है। समय पूर्व दांत और आंख कमजोर होने लगती हैं।

करें ये आसान उपाय
शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के चारों ओर सात बार कच्चा सूत लपेटें। इस दौरान शनि मंत्र का जाप करते रहना चाहिए। यह आपकी साढ़ेसाती की सभी परेशानियों को दूर ले जाता है। धागा लपेटने के बाद पीपल के पेड़ की पूजा और दीपक जलाना अनिवार्य है। साढ़ेसाती के प्रकोप से बचने के लिए इस दिन उपवास रखने वाले व्यक्ति को दिन में एक बार नमक विहीन भोजन करना चाहिए। अगर किसी इंसान को शनि देव की कृपा नहीं मिल रही है तो, काले घोड़े की नाल या नांव की कील से अंगूठी बनाकर अपनी मध्यमा उंगली में शनिवार के दिन सूर्यास्त के समय धारण करें।

बंदरों को खिलाएं गुड़ चने
बंदर हनुमान जी का रूप होते हैं तो ऐसे में बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं। प्रत्येक शनिवार हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी का पूजन करने से व्यक्ति को शनि दोषों का सामना नहीं करना पड़ता।

Published on:
01 Dec 2018 11:39 am