शंकराचार्य ने कहा कि मोदी सरकार में गोमांस का निर्यात बढ़ा है।
मथुरा। वृन्दावन प्रवास पर आये शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जिन वादों के साथ आयी है उनको अगर पूरा नहीं किया गया तो जनता माफ नहीं करेगी। साथ ही शंकराचार्य ने कहा कि मोदी सरकार में गोमांस का निर्यात बढ़ा है।
आइने अकबरी में मस्जिद की कोई चर्चा नहीं
पत्रकारों से वार्ता करते हुए शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने राम मंदिर मुद्दे पर बोलते हुए भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट ने एक आयोग बनाया था जो अयोध्या में जाकर समझौता का रास्ता निकल सकता है और हमने उसे स्वीकार किया। हमारी ओर से उसमें अपने प्रतिनिधि को भेज कर स्पष्ट किया कि वहां पर मस्जिद नाम की कोई वस्तु नहीं थी न तो वहां पर कभी बाबर आया और न उसका कोई कर्मचारी वहां पर आया कभी वहां पर मस्जिद का अस्तित्व था ही नहीं क्योंकि आईने अकबरी में इसकी कोई चर्चा नहीं है। हुमायूं ने भी इसकी कोई चर्चा नहीं की है और अकबर ने भी पहरी में लिखा है कि वहां मस्जिद जैसी कोई बात नहीं है एक चबूतरा है जहां हिंदू लोग इकट्ठा होकर पूजा करते हैं।
सनातन धर्म की नीति से बनना चाहिए मंदिर
तुलसीदास जी ने भी वहां मस्जिद की कोई चर्चा नहीं की है। औरंगजेब के जमाने में वहां टूट-फूट हुई थी लेकिन मस्जिद फिर भी नहीं बन पाई थी। टूटने से पहले हमने अपनी आंखों से देखा है वहां पर एक मंगल कलश था। हनुमान जी का चित्र था। वहां वजू का कोई कुआं नहीं था। लोगों में एक भ्रम हो गया था कि यहां कभी मस्जिद रही होगी ऐसी स्थिति में हम लोगों ने यह बात स्पष्ट की है कि यह श्रीराम की जन्मभूमि है। यह हमने प्रमाणित कर दिया है। यह हमारी पूज्य भूमि है इसलिए यहां मंदिर बनना चाहिए जहां पर मंदिर सनातन धर्म की नीति से बनना चाहिए।
गोमास का निर्यात विदेशों में हो बंद
वहीं मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हम समझते हैं कि जो इन्होंने वादे किए हैं उसी आधार पर इन्हें जनादेश भी मिला है तो इनको उसे पूरा करना चाहिए। सबसे बड़ी बात यह है जो गोमांस का भारत से निर्यात होता है हम चाहेंगे गोमांस का निर्यात विदेशों में बंद हो जाए। जबकि इन्होंने अपने कार्यकाल में गोमांस निर्यात को बढ़ाया है।
न्याय की पद्धति से फैसला हमारे हक में आए
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि कश्मीर पर 370 धारा भी नहीं हटाई। यहां तक कि जो गंगा का निर्मल प्रवाह है उसमें भी यह लोग असमर्थ रहे तो हम यह चाहेंगे जो इन्होंने पहले वादे किए थे उन्हें पूरा किया जाए अन्यथा जनता इन्हें क्षमा नहीं करेगी। राम मंदिर पर हमारी पूजा तो हो ही रही है केवल मंदिर बनाने की बात है तो मंदिर बनाने के लिए आंदोलन से काम नहीं चलेगा हमें हमारा अधिकार चाहिए तभी हम मंदिर बना पाएंगे।