दलितों के प्रदर्शन के बाद सहमे रहे यात्री। कुछ ट्रेन हुई रद्द तो कुछ कई घंटे देरी से चलीं। इंतजार में प्लेटफार्म पर गुजारी यात्रियों ने रात।
मथुरा। एससी एसटी एक्ट में संशोधन वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूरे देश में दलितों का प्रदर्शन जहां उत्पात में बदला, वहीं इसका खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ा। कहीं प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोकी तो कहीं बसों और गाड़ियों में तोड़ फोड़ की। इसके कारण रेल यातायात प्रभावित हुआ । कुछ ट्रेन जहां रद्द कर दी गईं तो कुछ काफी लेट रहीं । इन परेशानियों के चलते रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की काफी भीड़ रही। कई यात्रियों को रात प्लेटफॉर्म पर ही गुजारनी पड़ी ।
यात्रियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं
मथुरा जंक्शन पर करीब 6 से 7 घण्टे देरी से चल रही ट्रेनों कि वजह से यात्री परेशान हुए और जंक्शन पर रात गुजारने को मजबूर हुए । एक दर्जन के करीब रेल गाडियां इस आंदोलन के चलते प्रभावित हुईं। अगस्त क्रांति, राजधानी एक्सप्रेस जैसी सुपरफास्ट ट्रेन 7 घण्टे देरी से चलीं । मथुरा जंक्शन पर हजारों रेल यात्री परेशान होते रहे। वेटिंग रूम पूरी तरह भर चुका था, लिहाजा इन यात्रियों को प्लेटफार्म की जमीन पर बैठकर रात गुजारनी पड़ी।
ये कहना है यात्रियों का
मथुरा स्टेशन पर यात्रियों से जब बात की गयी तो उन्होंने बताया कि दलित आंदोलन का खामियाजा बेगुनाह लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोग दहशत में हैं । कुछ ट्रेन रद्द की जा चुकी हैं तो कुछ ट्रेन कई घंटे देरी से हैं। वहीं कई यात्री तो अधर में लटके हैं । वहीं रेलवे स्टेशन में बैठने के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। लिहाजा लोग प्लेटफॉर्म पर ही बैठकर और लेटकर अपना समय काट रहे हैं और ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं । वहीं लोगों का कहना था बेगुनाहों को परेशान करके बात मनवाना पूरी तरह गलत है। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।