
प्राचीन दिल्ली गेट छतरियों में भड़की भीषण आग..
Mathura Delhi Gate Chhatri Fire: सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के छाता क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक दिल्ली गेट की प्राचीन छतरियों में अचानक भीषण आग लग गई। सुबह का समय होने के कारण शुरुआत में घटना पर किसी का ध्यान नहीं गया, लेकिन जैसे ही आग ने विकराल रूप लिया, धुएं के गुबार और तेज लपटों ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। देखते ही देखते आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी संरचना इसकी चपेट में आ गई। छतरियों से उठती आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए अभियान शुरू किया गया। हालांकि संकरी गलियों और संरचना की जटिल बनावट के चलते आग बुझाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय नागरिकों ने भी शुरुआती स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उन्हें पीछे हटना पड़ा। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के साथ स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास जारी रखा। प्रशासन ने एहतियातन आसपास के क्षेत्रों को खाली कराने और लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि दिल्ली गेट की ये छतरियां ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनका संबंध क्षेत्र की प्राचीन विरासत से है और यह स्थानीय इतिहास की पहचान मानी जाती हैं। आग लगने के कारण इन संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि नुकसान का सही आकलन आग पूरी तरह बुझने के बाद ही किया जा सकेगा।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुरातत्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी को आग लगने की वजह माना जा रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। वहीं, आग लगने के वास्तविक कारणों और नुकसान के आंकलन के लिए विस्तृत जांच जारी है।
Published on:
06 Apr 2026 01:58 pm
