
संत प्रेमानंद की तस्वीर को बांकेबिहारी का रूप देने पर विवाद।
Premanand Maharaj Latest News: मथुरा में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने धार्मिक भावनाओं को लेकर विवाद खड़ा कर दिया। ‘राधा नाम’ के प्रचारक संत प्रेमानंद की एक तस्वीर को ठाकुर बांकेबिहारी के रूप में प्रस्तुत कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया।
जानकारी के अनुसार, कानपुर के 2 अनुयायियों ने अपनी फेसबुक ID से संत प्रेमानंद की तस्वीर पोस्ट की। इस तस्वीर में उन्हें ठाकुर बांकेबिहारी के स्वरूप में दर्शाने की कोशिश की गई थी। फोटो में संत प्रेमानंद को उसी तरह प्रस्तुत किया गया था, जैसे मंदिर में बांकेबिहारी जी के दर्शन होते हैं।
जैसे ही यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, कई फेसबुक यूजर्स ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से खिलवाड़ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। बढ़ते विरोध को देखते हुए पोस्ट को करीब एक घंटे के भीतर हटा लिया गया। हालांकि, तब तक कुछ लोगों ने उस तस्वीर को सेव कर लिया था, जिससे वह अन्य माध्यमों पर भी फैल गई।
इस मामले पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के ब्रज प्रदेश अध्यक्ष बिहारी लाल वशिष्ठ और प्रदेश महामंत्री राजेश पाठक ने कहा कि किसी संत को ठाकुर बांकेबिहारी के रूप में प्रस्तुत करना पूरी तरह गलत है और यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।
परशुराम शोभा यात्रा समिति के महामंत्री राम प्रकाश शर्मा एडवोकेट और जिला उपाध्यक्ष गोविंद शर्मा ने भी इस कृत्य की निंदा की। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस तरह की हरकत में शामिल है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने संत प्रेमानंद के परिकर से अपील की कि वे अपने अनुयायियों को इस प्रकार की गतिविधियों से रोकें, ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद पैदा न हों।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी धार्मिक विषय से जुड़ी सामग्री साझा करते समय सावधानी बरतें। इस तरह की घटनाएं समाज में अनावश्यक विवाद और तनाव पैदा कर सकती हैं।
Updated on:
3 Apr 2026, 4:20 PM IST
Published on:
3 Apr 2026, 4:20 PM IST
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