स्प्रिचुअल टूरिज्म हब के रुप में उभर रही धर्म नगरी में ताजमहल से भी ज्यादा देशी-विदेशी टूरिस्ट यहां पहुंच रहे हैं।
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में पिछले एक दशक के दौरान यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। स्प्रिचुअल टूरिज्म हब के रुप में उभर रहे मथुरा में हर साल लाखों की संख्या में देशी-विदेशी टूरिस्ट यहां पहुंच रहे हैं। अन्य टूरिस्ट स्थानों पर जहां पर्यटक एक विशेष सीजन में जाना पसंद करते हैं वहीं मथुरा में कभी सीजन आॅफ नहीं होता और यहां भक्तों के आने का सिलसिला लगातार जारी रहता है। इसी का परिणाम है कि यहां पर्यटन संभावनाओं को देखते हुए केन्द्र व राज्य सरकार श्रद्धालु-पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मुखर हो रही हैं।
आकर्षित करती है यमुना आरती
पर्यटन के क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं देखते हुए विश्व बैंक की टीम भी यहां कुछ नया करने को उत्सुक है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने भी ब्रज विकास बोर्ड का गठन कर मथुरा के साथ ही वृंदावन, गोवर्धन, नंदगावं, बरसाना, गोकुल और महावन के समग्र विकास का संकल्प लेकर सैलानियां को आकर्षित करने का प्रयास शुरू कर दिया है। हजारों छोटे-बड़े मंदिरों को अपने में समेटे वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी, रंग जी, इस्काॅन के साथ ही अब प्रेम मंदिर भी लोगों की श्रद्धा और आकर्षण का केन्द्र बन गया है। मथुरा-वृंदावन में यमुना के घाटों पर शाम के समय होने वाली यमुनाजी की आरती भी श्रद्धालु-पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर खींचती है। पुरातत्व संग्रहालय भी धरोहरों को सहेजे हुए है जहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक खासकर जापान के टूरिस्ट बौद्ध संस्कृति और मथुरा मूर्तिकला से रुबरु होने के लिए यहां पहुंचते हैं।
पसंदीदा जगह
मथुरा के होटल और गेस्ट हाउस मालिकों की मानें तो भगवान राधा-कृष्ण के धार्मिक स्थलों और सालभर चलने वाले त्यौहारों के कारण यहां कभी आॅफ सीजन नहीं होता। होटल कारोबारियों का मानना है कि पूरे भारत में ऐसा कोई अन्य जिला नहीं है जो इतने व्यापक स्तर पर सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। वीकेंड पर दिल्ली-एनसीआर के साथ ही हरियाण और पंजाब के लोगों के लिए मथुरा-वृंदावन पसंदीदा जगह है।
हर साल तीन करोड़ टूरिस्ट आते हैं
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र मथुरा ही नहीं बल्कि पूरा ब्रज चैरासी कोस है। जिसका दायरा दो सौ-ढाई सौ किलोमीटर है यहां हर साल आने वाले देशी-विदेशी टूरिस्ट की संख्या तकरीब तीन करोड़ के आस-पास पहुंच गई है। यहां आने वाले श्रद्धालु-पर्यटकों के लिए सुविधाओं की बात करें तो रेलवे का बहुत बड़ा योगदान रहता है। इसके साथ ही यहां की साफ-सफाई के लिए जिला प्रशासन और प्राधिकरण, सड़कों के लिए पीडब्लूडी आदि कई विभागों की साझेदारी रहती है। उन्होंने बताया कि मथुरा के जितने भी पर्यटन स्थल हैं उनके लिए पिछले कुछ सालों में काम किया है जैसे संपर्क मार्गों का निर्माण, बिजली, पेयजल की व्यवस्था आदि पर्यटन विभाग द्वारा कराई गई है। उन्होंने बताया कि ब्रज के प्राचीन कुण्डों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का काम भी पर्यटन विभाग द्वारा कराया जा रहा है।