मऊ

मुख्तार अंसारी के करीबी के महाविद्यालय पर चला बुलडोजर, हेराफेरी करके बाहुबली की मदद से हुआ भवन निर्माण

Administration run bulldozer in college close to Mukhtar Ansari man- जिला प्रशासन ने मऊ में बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के करीबी के महाविद्यालय पर बुलडोजर चलवा दिया है। जेसीबी लगवाकर यहां पोखरा भी खोदा जा रहा है। यहां पहले से पोखरा था। आरोप है कि कागजों में हेराफेरी कर महाविद्यालय का निर्माण कराया गया है।

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Jul 09, 2021
Mukhtar Ansari

मऊ. Administration run bulldozer in college close to Mukhtar Ansari man. जिला प्रशासन ने मऊ में बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के करीबी के महाविद्यालय पर बुलडोजर चलवा दिया है। जेसीबी लगवाकर यहां पोखरा भी खोदा जा रहा है। यहां पहले से पोखरा था। आरोप है कि कागजों में हेराफेरी कर महाविद्यालय का निर्माण कराया गया है। इसलिए अवैध निर्माण के आरोप में जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल के आदेश पर बंजर भूमि को पुन: पोखरी में परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में उप जिलाधिकारी, सदर जयप्रकाश यादव के नेतृत्व में जेसीबी मशीन लगाकर मिट्टी खोदकर पोखरी को बहाल करने का कार्य किया। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।

बाहुबली के दबाव में निर्माण

मऊ के सरायलखंसी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रणवीरपुर में रामनाथ यादव के पुरुषोत्तम महाविद्यालय परिसर में बुलडोजर चला है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, रणवीरपुर के आराजी सं 1558ग, रकबा 202 कड़ी पहले पोखरे के रूप में दर्ज थी। हेराफेरी करके रामनाथ यादव ने पोखरी की भूमि को बंजर भूमि के रूप में अभिलेखों में दर्ज करा लिया था और मुख्तार अंसारी की मदद से महाविद्यालय के भवन का निर्माण कर लिया था। इसकी जानकारी होने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर भूमि को दोबारा पोखरी में बदले जाने का निर्णय किया गया है।

नियमों के विरुद्ध ली गई मान्यता

गौरतलब है रामनाथ यादव ने वर्ष 2014 से 2019 के बीच में बाहुबली की विधायक निधि ने 19 लाख 50 हजार रुपये लिए। आरोप है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मुख्तार अंसारी के प्रचार और प्रसार में भी रुपये खर्च किए गए। रामनाथ यादव के पास रणवीरपुर में महाविद्यालय की मान्यता के लिए भूमि पर्याप्त में नहीं थी, लेकिन बाहुबली के दबाव से मान्यता के नियमों के विरुद्ध मान्यता ली गई। उनकी मान्यता समाप्त हो चुकी है। मान्यता खत्म करने के लिए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संपर्क किया जा रहा है।

Published on:
09 Jul 2021 10:42 am
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