मऊ

3 बुनकरों की मौत का जिम्मेदार कौन? ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के गृह जनपद में हादसे पर भड़के यूपी कांग्रेस चीफ अजय राय

UP Congress President Ajay Rai: मऊ में बिजली के खुले तारों की चपेट में आने से 3 बुनकरों की मौत पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो मंत्री अपने गृह जिले में व्यवस्था नहीं संभाल सकते, वे पूरे राज्य की क्या रक्षा करेंगे।
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Oct 01, 2026
Ajay Rai
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय (Photo ANI)

Ajay Rai Statement Mau Electricity Accident Weaver Death:उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में खुले और जर्जर बिजली के तारों की चपेट में आने से तीन बुनकरों की दर्दनाक मौत के बाद सूबे की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो मंत्री अपने गृह जनपद की बिजली व्यवस्था नहीं सुधार पा रहे हैं, वे पूरे प्रदेश की व्यवस्था क्या संभालेंगे।

ऊर्जा मंत्री के गृह जिले में बड़ा हादसा

अजय राय ने कहा कि मऊ ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का गृह क्षेत्र है और यहीं इतनी बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। बुनकरों के घरों के ऊपर से हाईटेंशन के नंगे तार गुजर रहे हैं। जमीन पर खुले में रखे ट्रांसफॉर्मर और जर्जर तारों ने तीन निर्दोष लोगों की जान ले ली। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंत्री के अपने इलाके में यह हाल है, तो प्रदेश के बाकी हिस्सों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

50-50 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी की मांग

हादसे के बाद सरकार द्वारा दिए गए आर्थिक सहयोग को नाकाफी बताते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इसे 'हाथी के मुंह में जीरा' करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दौरा तय होने के बाद ही प्रशासन नींद से जागा और एक-एक लाख रुपये की महज खानापूर्ति की गई। अजय राय ने मांग की है कि पीड़ित परिवारों को कम से कम 50-50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

दोषी अधिकारियों पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने ऊर्जा मंत्री के 'बिजली व्यवस्था दुरुस्त होने' के दावे पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर व्यवस्था ठीक थी तो ये तीन लोग कैसे मरे? बीजेपी के लोग केवल झूठ बोलने में माहिर हैं। उन्होंने मांग की कि इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। इसके अलावा, क्षेत्र में तुरंत अंडरग्राउंड केबल बिछाई जाए और जमीन पर रखे ट्रांसफॉर्मर को खंभों पर शिफ्ट किया जाए।

Updated on:
01 Oct 2026 07:09 pm
Published on:
01 Oct 2026 04:56 pm